कुर्थीजाफरपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या-5 स्थित नई बस्ती में बीच रास्ते पर रखा बिजली का ट्रांसफॉर्मर स्थानीय लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है।
बृहस्पतिवार को इस समस्या के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने ट्रांसफॉर्मर को तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की।
वहीं, इस मामले में नगर पंचायत का दावा है कि ट्रांसफॉर्मर की शिफ्टिंग को लेकर उसके द्वारा चबूतरा बनाया जा चुका है। वहीं, बिजली निगम के जिम्मेदार का तर्क है कि इस संबंध में नगर पंचायत का प्रस्ताव मिलने के बाद एस्टीमेट बनाकर भेजा जा चुका है, लेकिन उस पर चुप्पी के चलते अब तक इसको लेकर कोई कवायद नहीं हो सकी है।
रास्ते के बीच ट्रांसफॉर्मर से खतरा
अफरोज आलम, अफजल, निसार, शौकत अली, मोहम्मद राशिद, अबुसाद, जियाउद्दीन, खलील, खुर्शीद, रहमतुल्लाह सहित दूसरे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रास्ते के बीचों-बीच रखा ट्रांसफॉर्मर आए दिन हादसों को न्योता दे रहा है। उन्होंने बताया कि गत दिन भी एक बकरी इस ट्रांसफॉर्मर की चपेट में आकर मर गई। अब तक इसकी चपेट में आने से तीन बकरियों की मौत हो चुकी है। कई बार राहगीर भी बाल-बाल बचे हैं। लोगों का कहना है कि बीमार या मृतक को ले जाने में भी डर लगता है। इतना ही नहीं, बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़क पर पानी भर जाने से ट्रांसफॉर्मर से करंट उतरने का खतरा बना रहता है। इस कारण हजारों लोगों का इस रास्ते से आना-जाना प्रभावित होता है। उन्हें दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ता है।
एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे दोनों विभाग
ट्रांसफॉर्मर को लेकर जब इस संबंध में बिजली निगम के एक्सईएन कोपागंज महेशचंद्र विश्वकर्मा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। बीते जून माह में ही नगर पंचायत अध्यक्ष ने इसको लेकर पत्र लिखा था, जिसके बाद निगम ने इस संबंध में एस्टीमेट बनाकर उन्हें भेज दिया। लेकिन अब तक इसको लेकर कोई जवाब नहीं आने पर यह कार्य अधर में लटका हुआ है। वहीं, इस संबंध में नपाध्यक्ष जफर अहमद ने कहा कि उनके द्वारा 25 जून को इस संबंध में अवगत कराया गया था। जबकि नगरवासियों की समस्या को देखते हुए संबंधित स्थान से 25 मीटर दूर ही नगर पंचायत ने चबूतरा बनाया है लेकिन निगम द्वारा दो लाख से अधिक का भेजा गया एस्टीमेट में चबूतरे का शुल्क भी शामिल है। इसको लेकर आपत्ति करते हुए दोबारा निगम के जिम्मेदारों को अवगत कराया गया है। लेकिन अब तक इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है।