मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 4 दीप नारायण तिवारी ने 11 वर्ष पूर्व 15 वर्षीय बालिका को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में नामजद दो आरोपियों बृजेश और अंजनी कुमार मिश्र को मंगलवार को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद दोनों को 10-10 वर्ष की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला थाना मधुबन क्षेत्र का है। अर्थदंड जमा हो जाने पर 20 प्रतिशत धनराशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया।
अभियोजन के अनुसार हैबतपुर ताल खदरा निवासी सूर्यनाथ यादव की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी 15 वर्षीय लड़की के साथ आरोपी परेशान करते और विरोध करने पर उसके भाई की हत्या करने की धमकी देते थे। जिससे क्षुब्ध होकर उसकी लड़की ने 26 मई 2014 आग लगा ली, उसे जली अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद बृजेश तथा अंजनी कुमार मिश्र के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने 8 गवाहों को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी बृजेश और अंजनी कुमार मिश्र को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया।