घोसी कोतवाली क्षेत्र के जिगिना गांव में शुक्रवार की शाम चार घंटे में वृद्ध और बुजुर्ग की मौत हो गई। शनिवार को एक साथ दोनों की अर्थी उठी तो सभी की आंखे नम हो गईं। जिगिना गांव निवासी सुखनंदन राजभर (72) की शुक्रवार की शाम सात बजे अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
गांव निवासी बांके प्रसाद (50) शाम आठ बजे उनके घर गए थे। वहां से लौटने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने पास के अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन रात 11 बजे उनकी भी मौत हो गई। शनिवार को दोहरीघाट में सरयू नदी के किनारे मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ दो अर्थियां उठने का दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।