दोहरीघाट। स्थानीय कस्बे में इस वर्ष फिर डेंगू ने पांव पसारना शुरु कर दिया है। कसबे में दो व्यक्तियों के डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। इन दोनों मरीजों को गुरू श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। इस जानलेवा बीमारी के पांव पसारने से पूरे नगर में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले वर्ष डेंगू के प्रकोप से हुई दो मौतों से भी सबक नहीं लिया गया और इस वर्ष भी अब तक कोई भी सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए। नगर के नवापुरा मुहल्ला निवासी मयंक (30) पुत्र ध्रुवचंद मध्देशिया और पंकज (25)पुत्र मोहन मद्धेशिया को कई दिनों से बुखार आ रहा था। स्थानीय पीएचसी के चिकित्सकों से इलाज कराने पर कोई खास लाभ नहीं हुआ तो परिजन उन्हें गोरखपुर ले गए। गोरखपुर के गुरू श्री गोरक्षनाथ चिकित्साल में दोनों बीमारों को भर्ती कराया गया है। वहां रक्त परीक्षण कराने पर रिपोर्ट से पता चला कि इन्हें डेंगू है। इन दोनों युवकों का इलाज चल रहा है। इस बात की जानकारी जैसे ही हुई कसबे में इस बीमारी के फैलने की बात जंगल में आग की तरह फैल गई।
डेंगू की बीमारी के बार फिर पांव पसारने की सूचना से कसबेवासी दहशत में है। नगर में न तो नगर पंचायत द्वारा और न ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छर रोधी घोल का छिड़काव किया जा रहा है और न ही कसबे की ना िकी पूरी तरह से साफ सफाई ही कराई जा रही है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ रहा है। कसबे में इस समय कई लोग वायरल फीवर, टाइफाइड से लोग पीड़ित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से संवेदनहीन बना हुआ है। मुहल्ले में भ्रमण के लिए अभी तक कोई भी स्वास्थ्य टीम नहीं बनाई गई और न ही किसी भी प्रकार के दवाओं का वितरण किया जा रहा है। इस बाबत उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ फैजान ने बताया कि स्वास्थ्य टीम नगर में संक्रमित लोगों के रक्त की जांच करेगी।इस बाबात सीएमओ डा. सतीश चंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। नवापुरा में स्वास्थ्य टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और निरोधात्मक उपाया किए जाएंगे।