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दो महीने बाद ही हौसला पोषण योजना बंद

Thu, 15 Dec 2016 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
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 प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना हौसला पोषण योजना की दो महीने में ही हवा निकल गई। नवंबर माह तक भी यह योजना पूरी तरह सभी अति कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए नहीं चल पाई। योजना नवंबर के आखिरी सप्ताह से ही बंद है। विभाग का कहना है कि शासन की स्वीकृत न मिलने से इस योजना को फिलहाल बंद किया गया है। शासन से निर्देश मिलने एवं बजट उपलब्ध कराए जाने के बाद इसका संचालन फिर से किया जाएगा।
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जिले में अति कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर उन्हें सरकार द्वारा पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हौसला पोषण योजना प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में 15 अगस्त 2016 से लागू की। जिले में कुल चिह्नित अतिकुपोषित बच्चे एवं गर्भवती महिलाएं इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं की स्पाट फीडिंग कराकर उन्हें कैलौरी और प्रोटीन की गैप की भरपाई करना था। साथ ही महिलाओं को आयरन की गोली भी खिलाया जाना था। अति कुपोषित बच्चों को भी उनके स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से कैलोरी की मात्रा तय करके उन्हें गरमा गरम भोजन, फल आदि दिए जाने की शासन की मंशा थी। इसमें छह माह से तीन वर्ष एवं तीन वर्ष से छह वर्ष के अति कुपोषित बच्चों को स्नैक्स एवं मौसमी फल वितरित कराने की शासन की मंशा थी। योजना का शुभारंभ जिले के सभी 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों में जहां-जहां भी अतिकुपोषित बच्चें एवं गर्भवती महिलाएं रहीं, वहां किया गया। यह योजना नवंबर माह तक भी पूरी तरह नहीं चल पाई इसके बाद शासन से इस पर रोक लग गई।


इस बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी जया त्रिपाठी का कहना है कि शासन के निर्देश पर हौसला पोषण योजना नवंबर माह तक ही चली। इसके बाद उस पर किन्हीं कारणों से रोक लगी है। शासन की स्वीकृत मिलने एवं बजट गांवों में आ जाने के बाद ही इस योजना का फिर से संचालन हो सकेगा। योजना के बंद होने की सूचना शासन को भेजी जा चुकी है।
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