मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अभिनव कुमार मिश्रा ने मारपीट के मामले में तीन आरोपियों में दो को दोषी पाया। दोनों को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए एक वर्ष तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया। एक आरोपी बलेसर राजभर की मौत हो हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई । क्रास केस में चारों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। मामला मधुबन थाना क्षेत्र के भेड़वारा मल्ल लोहजरा का है।
मामले के अनुसार वादिनी सविता देवी के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट के आदेश के बाद मधुबन थाने में मारपीट और एससी / एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। जिसमें बलेसर राजभर, अनीता और इंदु को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 29 अक्तूबर 2009 को रास्ते में पुआल रखने के विवाद को लेकर दोनो पक्षों में मारपीट हुई।इसमें सविता देवी और उसकी पुत्री प्रेमशीला को चोटें आई। दूसरे पक्ष के सविता, इंदु, रामप्रवेश और बबलू को आरोपी बनाया गया।
कोर्ट मे विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र नाथ राय ने चार -चार गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। कोर्ट साक्षी के रूप में एक गवाह को पेश किया गया। एडीजे ने सुनवाई के बाद आरोपीगण अनीता और इंदु को घर मे घुसकर मारपीट करने का दोषी पाया। वही क्रास केस के मामले में आरोपीगण सविता, इंदु, रामप्रवेश और बबलू को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।