मऊ। बीते शनिवार को बम से मऊ रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस और जीआरपी की पुलिस ने संयुक्त प्रयास कर आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपी आपस में चचेरे भाई हैं, इसमें राजेश ने फोन करके पंद्रह अगस्त को रेलवे स्टेशन मऊ को उड़ाने की धमकी दी थी, जबकि दूसरा आरोपी अरविंद ने उसे फर्जी आईडी पर सिमकार्ड मुहैया कराया था।
आरोपियों के गिरफ्तार होने पर एसपी जीआरपी डा. धर्मवीर सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मऊ स्टेशन पहुंच प्रेसवार्ता कर पूरी घटनाक्रम को बताया। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर ने बताया कि बीते शनिवार की दोपहर में लखनऊ जीआरपी मुख्यालय के सीयूजी नंबर पर फोनकर धमकी दी गई। इसमें पंद्रह अगस्त 2017 को मऊ स्टेशन को उड़ाने को कहा गया। फोन करने वाला गुमराह करने के लिए उर्दू बोलचाल का प्रयोग किया। इस धमकी पर एडीजी रेलवे वीके मौर्य और पुलिस महानिरीक्षक रेलवे बीके सिंह ने प्रकरण को गंभीरता से लिया। साथ ही विभाग के साथ-साथ एटीएस के साथ सिविल पुलिस को सक्रिय किया। इस दौरान स्टेशन पर चेकिंग आदि का कार्य शुरू हुआ, साथ ही धमकी देने वाले की तलाश शुरू की गई। सर्विलांस की मदद से पुलिस टीम आरोपियों तक सोमवार को पहुंच गई।
इस दौरान घोसी कोतवाली क्षेत्र के परवेजपुर गांव निवासी अरविंद कुमार पुत्र सुदर्शन और राजेश पटेल पुत्र स्व. धर्मदेव पटेल को गिरफ्तार की। एसपी ने बताया कि राजेश पटेल ने फोनकर स्टेशन उड़ाने की धमकी दिया था। जबकि अरविंद ने उसे फर्जी आईडी पर सिम मुहैया कराया था। बता दें कि अरविंद के पास एक मोबाइल कंपनी के सिम कार्ड की एजेंसी है। एसपी ने बताया कि लगभग सात माह पूर्व राजेश ने तत्कालीन एसडीएम मधुबन विमल कुमार दूबे को धमकी देकर उनसे रंगदारी की मांग किया था। इस दौरान उसे गिरफ्तार किया गया था। जीआरपी ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों का चालान कर जेल भेज दिया।