मऊ। अप्रैल में पड़ रही गर्मी से सभी लोग परेशान हैं। यह परेशानी उस समय दोगुनी हो जाती है जब दिन में बिजली बार-बार गुल होने लगी है। ट्रिपिंग के नाम पर बिजली निगम आधा से पौन घंटे तक कटौती कर रही है। तापमान बढ़ने से बिजली खपत भी बढ़ी है। चौंकाने वाली बात है कि जब बिजली कटौती को लेकर अधिकारियों को लोग फोन करते हैं तो उनका सीयूजी नंबर मिलता ही नहीं, अगर मिलता है जो उठाने से गुरेज करते हैं। अप्रैल का अभी आधा माह ही बीता है, लेकिन इस बीच बिजली लाइनों का ट्रिप होना शुरू हो गया है। हर दिन शहर के किसी न किसी हिस्से में सुबह, दोपहर और रात को फॉल्ट होने लगी है शहर की सीमा से लगे वार्डों में लो वोल्टेज की समस्या महीनों से बनी हुई हैं। बुधवार को भी ऐसा ही देखने को मिला, जब गाजीपुर तिराहा, सहादतपुरा, बकवल, चांदमारी इमिलिया सहित कई जगहों पर दिन में सुबह से हर घंटे बिजली ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। इस दौरान सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक कम से कम पांच बार बिजली कटी। कभी 30 मिनट तो कभी 40 मिनट के लिए। इस संबंध में जब उपभोक्ताओं ने जिम्मेदारों के सीयूजी नंबरों पर फोन किया तो पहले तो मिला नहीं, कुछ देर बाद फोन मिला भी दूसरी तरफ से काम की बात कहकर फोन काट दी गई। सूत्रों की मानें तो इन दिनों बिजली का खपत औसत से अधिक है। लाइनों में फॉल्ट की शिकायतें शुरू हो गई हैं।
उपभोक्ता खपत के हिसाब से नहीं लेते कनेक्शन
बिजली निगम समय-समय पर लाइनों व ट्रांसफॉर्मरों के मेंटनेंस के नाम पर बिजली आपूर्ति कुछ देर के लिए बंद कर दे रहे हैं, इससे बिजली सप्लाई में समस्या न आए। इसके पीछे का कारण यह बताते हैं कि सैकड़ों नहीं हजारों ऐसे उपभोक्ता है जो निर्धारित लोड से अधिक बिजली का उपयोग कर रहे है। इनमें घरेलू से लेकर व्यवसायिक उपभोक्ता भी शामिल हैं। जैसे सिंगल फेस कनेक्शन पर एसी और एक हॉर्स पावर की मोटर का उपयोग नलों से पानी खींचने में करना। पीक आवर में यदि उपभोक्ता एसी और मोटर का उपयोग करता है तो लाइन व ट्रांसफॉर्मर पर लोड बढ़ने से फॉल्ट होने लगते हैं।