नगर के पीडब्लूडी डाक बंगले में प्रेसवार्ता करते उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमा
गोसेवा आयोग की संयुक्त टीम ने शनिवार को विभिन्न गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आश्रय स्थलों में मौजूद गोवंश की स्थिति, उनके रख-रखाव, चारा-पानी, साफ-सफाई व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की गई।
पशुओं के लिए बनाए गए शेड, उनके स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण की स्थिति को भी परखा गया। गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि बीमार एवं कमजोर पशुओं के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और नियमित रूप से पशु चिकित्सकों से उनका परीक्षण कराया जाए।
उन्होंने गोबर एवं अपशिष्ट प्रबंधन, साफ-सफाई व स्थल की समुचित स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन से निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन करते हुए गोवंश के संरक्षण एवं देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
निरीक्षण के बाद गोसेवा आयोग की संयुक्त टीम के सदस्य महेश कुमार शुक्ल और दीपक गोयल ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार गौसेवा को केवल सांस्कृतिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय एवं आध्यात्मिक उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार करते हुए सतत कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 36 गौ आश्रय स्थल क्रियाशील हैं, जिनमें 6224 गोवंश का संरक्षण एवं पालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 599 गोपालकों को गो-संवर्धन सहभागिता योजना के तहत 629 गोवंश अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है, जिससे सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित हुई है। प्रदेश सरकार गोवध निवारण अधिनियम 1955 के अंतर्गत गोवंश की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।