मऊ से गुजरने वाली सात ट्रेनों में 100 से ज्यादा वेटिंग
कोरोना संक्रमण काल में ट्रेनों में नहीं मिल रहा कंफर्म टिकट
दिसंबर में किसी भी ट्रेन में नहीं है कंफर्म सीट
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। कोरोना संक्रमण काल में कम ट्रेनों का संचालन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। सीमित ट्रेनें और यात्रियों की संख्या अधिक होने से ट्रेनों में कंफर्म सीट मिलना मुश्किल हो रहा है। मऊ जंक्शन से गुजरने वाली सात ट्रेनों में पूरे दिसंबर में कोई सीट खाली नहीं है। किसी भी ट्रेन में 100 से नीचे की वेटिंग लिस्ट नहीं है। ऐसे में कन्फर्म सीट के एक मात्र विकल्प तत्काल टिकट ही बचा है।
कोरोना महामारी के चलते देशभर में लाकडाउन के बाद रेल यातायात भी बंद हो गया था, अनलॉक के साथ-साथ रेल यातायात भी बहाल किया गया। वर्तमान में मऊ जंक्शन से लिच्छवी, साबरमती, सरयु यमुना, ताप्तीगंगा, दादर, गोदान, कृषक एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। उधर, नए साल के चलते बाहर काम करने वाले अपने घरों को लौट रहे हैं। जिससे ज्यादातर ट्रेनों में कंफर्म सीट नहीं मिल रही है। सबसे ज्यादा परेशानी लंबी दूरी के यात्रियों को है। कई ट्रेनों में 100 से 200 तक की वेटिंग चल रही है। तत्काल टिकट भी नहीं मिल रहा है।
इन ट्रेनों में है वेटिंग लिस्ट
गोरखपुर से दादर जाने वाली दादर एक्सप्रेस में दिसंबर तक 222 वेटिंग चल रही है। इसके बाद सरयु यमुना एक्सप्रेस में 149, ताप्ती गंगा एक्सप्रस में 146, गोदान में 99 तो लिच्छवी एक्सप्रेस में 120 वेटिंग चल रही है। वाणिज्य अधीक्षक नूरआलम ने बताया कि वर्तमान में हर ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है। सबसे कम गोदान एक्सप्रेस में 99 वेटिंग लिस्ट है।
इनसेट
तत्काल में पहले नंबर पर मुश्किल से मिलता है टिकट
मऊ जंक्शन से प्रतिदिन सात ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इसमें करीब 200 से ज्यादा यात्री आवागमन कर रहे हैं। इसमें 70 फीसदी यात्री ऐसे हैं जो लंबी दूरी जैसे मुंबई, दिल्ली, सूरत आदि स्टेशनों के लिए रिजर्वेशन कराते हैं। किसी भी ट्रेन के लिए तत्काल रिजर्वेशन कोटा एसी के लिए सुबह 10 बजे शुरू होता है। जो कि 10 मिनट में ही फूल हो गया। कतार में लगे पहले नंबर पर खड़े यात्री को ही बमुश्किल तत्काल टिकट मिल पाता है। वहीं स्लीपर कोच के लिए 11 बजे 12 बजे तक तत्काल टिकट होता है, लेकिन इसमें पहले नंबर पर खड़े व्यक्ति को टिकट मिल पाता है।