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समय से नहीं बदले जा रहे ट्रांसफार्मर

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ट्रॉंसफर्मर - फोटो : SELF
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 जिले में जले ट्रांसफार्मरों को बदलने का कार्य निर्धारित समय से नहीं हो रहा है। जबकि फुंके ट्रांसफार्मरों की मरम्मत भी समय से नहीं हो पा रही। यही वजह है कि वर्कशाप में ऐसे 50 ट्रांसफार्मर पड़े हैं। नतीजतन लोग अंधेरे में हैं और खेती किसानी प्रभावित हो रही। इसे लेकर लोगों में विभाग के प्रति खासी नाराजगी है।
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 जिले मे एक हजार केवीए के नौ, 630 केवीए, 400 केवीए, 250 केवीए, 100 केवीए, 63 केवीए, 25 केवीए और 10 केवीए के 9685 क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे हैं। इनसे करीब तीन लाख उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। उपभोक्ताओं को शेड्यूल के मुताबिक बिजली देने के लिए नगर क्षेत्र के फुंके ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे में और ग्रामीण क्षेत्रों में फुंके ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए 48 घंटे का समय निर्धारित है। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण निर्धारित समय के अनुसार फुंके ट्रांसफार्मरों को बदलने का कार्य नहीं किया जा रहा है। हालत यह है कि कभी तीन दिन में तो कभी एक सप्ताह में ट्रांसफार्मर बदले जा रहे। वहीं फुंके ट्रांसफार्मरों के मरम्मत करने में भी सप्ताहभर से अधिक का समय लगाया जा रहा है। जिसके कारण विभाग के वर्क शाप में इस समय 50 फुंके ट्रांसफार्मर पड़े हैं। जिनको अभी तक बनाया नहीं जा सका है।

परदहा ब्लाक के पतीला गांव और बकवल में खराब ट्रांसफार्मर  72 घंटे के बाद भी नहीं बदले जा सके है। पतीला गांव में जहां 25 केवीए का ट्रांसफार्मर तीन दिनों से खराब पड़ा है, इससे गांव की 2 हजार आबादी के साथ गांव में गेंहू की बोवाई प्रभावित हो रही है। वहीं बकवल में 100 केवीए के ट्रांसफार्मर चार दिनों से जलने से पांच हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। इसी तरह से रानीपुर ब्लाक के पिरूवा में 25 केवीए का ट्रांसफार्मर 1 सप्ताह से फुंका पड़ा है। वहीं पलिया गांव में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर चार दिनों से फुंका पड़ा है तो मधुबन बाजार में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है।
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