पूछताछ काउंटर पर अपनी ट्रेनों की स्थिति जानते यात्री।
मऊ। ठंड का असर जनजीवन के साथ यातायात संसाधनों पर भी पड़ा है, इसमें मुख्य रूप से ट्रेनें ज्यादा प्रभावित हुई। बीते तीन दिनों से धूप निकली, लेकिन ट्रेनों के की रफ्तार अभी भी प्रभावित है। इसके चलते रविवार को कई ट्रेनें निर्धारित समय से कई घंटे विलंब से स्टेशन पहुंची। इसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा।
मऊ रेलवे स्टेशन से होकर 11 जोड़ी 22 ट्रेनें गुजरती है। ठंड शुरू होने के साथ जो ट्रेनों की लेट लतीफी शुरू हुई तो मौसम में परिवर्तन होने के बाद रविवार को भी जारी रही। रविवार को सुबह स्टेशन से गुजरने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस, एक्सप्रेस ट्रेनें अपने निर्धारित समय से दो से नौ घंटे विलंब से स्टेशन पहुुंची। लखनऊ से वाराणसी सिटी को जाने वाली कृषक एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 10 बजकर 30 मिनट पर आने के बजाए पांच घंटे विलंब से स्टेशन पर पहुंची। इसी तरह से लखनऊ से आने वाली उत्सर्ग एक्सप्रेस सुबह चार बजे के बजाए 10 घंटे विलंब से स्टेशन पहुंची। वहीं मऊ से आनंद बिहार जाने वाली आनंद बिहार एक्सप्रेस सुबह 10.45 के बजाए पांच घंटे विलंब से पहुंची, जबकि अहमदाबाद से दरभंगा जाने वाली साबरमति एक्सप्रेस सुबह 9.55 के बजाए पांच घंटे विलंब से पहुंची। इसी तरह से भटनी जाने वाली सवारी गाड़ी तीन घंटे, डेेमू तीन घंटे लेट रही। वहीं अमृतसर से जयनगर जाने वाली सरयु जमूना एक्सप्रेस पांच घंटे विलंब से पहुंची।
वहीं मौसम खुलने के बाद ट्रेनों के लेटलतीफी से सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को करना पड़ा। जो ट्रेन पकड़ने की चक्कर में यात्री रविवार की अलसुबह स्टेशन पहुंच गए थे, लेकिन ट्रेनों का विलंब का पता चलने पर मजबूरन लोगों को ठंड में ठिठुरते हुए इंतजार करना पड़ा।
विगत कई दिनों से घने कोहरे के चलते रद्द चल रही लिच्छवी एक्सप्रेस रविवार को रद्द रही। वहीं शाहगंज से जौनपुर जाने वाली 55163 पैसेंजर और 55018 मऊ- बलिया वाया छपरा जाने वाली पैैसेंजर ट्रेन भी रद्द रही। वहीं रेलवे अधिकारियों को कहना है कि इन तीनों ट्रेनों का संचालन अभी कुछ दिनों तक नहीं किया जाएगा।