दोहरीघाट थाना क्षेत्र के गोंठा में एक युवक को गोली लगने में
फंसे शिक्षक को छुड़ाने के लिए हुए जाम में हजारों लोगों को परेशानियाें का
सामना करना पड़ा। इस दौरान जाम में फंसे 62 विदेशी पर्यटकाें का प्लेन
छूट
जाने से दुखी होकर रो पड़े। पर्यटकों कहना था कि प्लेन छूटने से सारी
तैयारी बेकार हो गई। वहीं जाम में फंसे यात्रियों में किसी की ट्रेन छूटी
तो किसी की बस। कई लोग कचहरी में अपनी तारीख नहीं देख पाए तो
कई कार्यालय
तक नहीं जा सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर गोंठा गांव के समीप जाम में
एक विदेशी पर्यटकों की टूरिस्ट बस भी फंसी हुई थी। इसमें थाईलैंड और
मलेशिया के 62 यात्री बैठे थे जो सारनाथ से आ रहे थे। उनकी एक बजे ही
भैरहवां
से काठमांडू के लिए प्लेन थी। टूरिस्ट गाइड जितेंद्र ने बताया कि
सभी विदेशी पर्यटक सारनाथ से भ्रमण कर आए थे। उन्हें भैरहवां से काठमांडू
के लिए जाना था। उनकी प्लेन की टिकट भी पहले से बुक थी, लेकिन
जाम में
फंसने के चलते सभी को न सिर्फ आर्थिक, बल्कि अन्य समस्याओं का भी सामना
करना पड़ा। प्लेन छूटने एवं साढ़े चार घंटा विलंब होने से उनकी सभी तैयारी
धरी की धरी रह गई। गाजीपुर निवासी विनोद
कुमार ने बताया कि उन्हें गाजीपुर
से 100 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र में जाने के लिए बस पकड़नी थी। वहां
जाने के लिए पांच बजे के बाद कोई वाहन नहीं मिलता। इसके चलते उन्हें अपनी
रात स्टेशन पर ही गुजारनी
पड़ेगी। किशोर यादव ने बताया कि वह घर से कचहरी
जाकर अपने मुकदमे की पैरवी करने की तैयारी में निकले थे लेकिन जाम में
फंसने के चलते उनकी तारीख छूट गई। जाम में स्कूली बच्चों से लेकर फंसने
वाले
यात्री जाम करने वालों को ही कोस रहे थे।