समाज एक जाति धर्म से मिलकर नहीं चलता है। समाज को चलाने के लिए सभी
धर्म जाति के लोगों को लेकर चलना पड़ता है। यहां सभी धर्म जाति के लोग रहते
हैं। सभी धर्म जाति के लोगों की रक्षा और
सबका सम्मान होना चाहिए। क्योंकि
धर्म, जाति हमने बनाया। न्यायपालिका का दायित्व है कि वह सबके मानवाधिकार
की रक्षा करे। यह बातें जिला जज सीएम दीक्षित ने बुधवार को दीवानी कचहरी के
सभा कक्ष में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मानवाधिकार दिवस के अवसर
पर गोष्ठी में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्हाेंने कहा
कि किसी के मानवाधिकार का उल्लंघन न करें, संविधान में दिए गए मौलिक
अधिकारों का पालन करें। कहा कि पुलिस भी किसी को गिरफ्तार करती है तो उसे
मानवाधिकार का पालन करना
अनिवार्य है। लोग अपने मानवाधिकार के प्रति सजग
रहें। अंत में कहा कि अगर किसी के
मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है तो वह
जिला जज के यहां प्रार्थना पत्र दे सकता है।
मानवाधिकार के उल्लंघन संबंधी
सुनवाई का क्षेत्राधिकार जिले में जिला जज के पास है। परिवार न्यायालय के
न्यायाधीश लालमणि प्रसाद ने कहा कि लोगों के अधिकाराें की रक्षा के लिए
मानवाधिकार
अधिनियम बनाया गया है। प्राधिकरण के प्रभारी सचिव व एडीजे डा.
दीपक स्वरुप सक्सेना ने उपस्थित लोगों को मानवाधिकर की शपथ दिलाया । कि
भारतीय संविधान एवं विभिन्न अंतराष्ट्रीय अनुबंधों द्वारा
भारत में लागू
समस्त मानवाधिकारों के संरक्षण के प्रति वफादार व उसके सुरक्षा के लिए अपने
कर्तव्यों का पूरी तरह से निर्वहन करुगंा। बिना किसी भेदभांव व पक्षपात के
सभी के आत्मसम्मान का आदर करुगां।
साथ ही इसके विकास एवं सुरक्षा के लिए
सदैव कर्तव्यबद्ध रहूंगा। इस मौके पर एडीजे डा. अजय कुमार, एडीजे धर्मेंद्र
कुमार पांडेय, सीजेएम अली रजा, जेएम निर्भय प्रकाश, मुंसिफ
मुहम्मदाबादगोहना अचल प्रताप,
अपर जेएम विनिता सिंह, अपर जेएम अचल प्रताप
सिंह, स्पेशल जेएम वृजराज सिंह, दारोगा सिंह, हुमा सज्जाद, विनोद कुमार
सिंह, शमीम अहमद, बार के अध्यक्ष फतेहबहादुर सिंह, महामंत्री मानसिंह यादव
आदि लोग मौजूद रहे।