बर्बाद होती फसल के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय से मिला। पत्रक सौंपने के दौरान किसानों ने जिलाधिकारी से बर्बाद फसलों के सर्वे में लापरवाही बरते जाने की शिकायत की। कहा कि लेखपाल घर बैठे ही नुकसान का आकलन कर रहे।
पत्रक सौंपने के दौरान किसानों ने जिलाधिकारी से कहा कि गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया जिले के किसानों को चेक के द्वारा सहायता राशि दी जा रही है। लेकिन जिले में अब तक किसी भी पीड़ित किसान को राहत राशि नहीं दी गई।
बताया कि देवरिया, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया से ज्यादा बारिश जिले में हुई है। और किसानोें की क्षति भी इन जिलोें से अधिक हुई है। लेकिन अभी तक जिले में किसानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं कि गई।
पत्रक सौंपकर किसानों ने मांग की कि आपदा में पीड़ितों की बिजली की बिल राजस्थान की सरकार की तरह छह माह के लिए माफ किया जाय।
किसानों की बिजली का फसली ऋृ ण माफ किया जाय और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जाय। पत्रक देने के दौरान किसान नेता राकेश सिंह, रामाश्रय मौर्य, मुन्ना खरवार, परमात्मा सिंह, मनोज राजभर, विजय कुमार तिवारी, राजेन्द्र कुमार, राधेश्याम जुम्मन, बृजेश सिंह, सत्यनारायण गोंड, इंदल राजभर आदि मौजूद रहे।