मऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने फर्जी अंक पत्र और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नियुक्ति पाने वाले आजमगढ़ मंडल के 22 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही वेतन रिकवरी करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को आदेश दिया है। इसमें मऊ जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तैनात तीन सहायक अध्यापक भी शामिल हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से वर्ष 2014 में एलटी ग्रेड पद पर भर्ती विज्ञापन जारी किया गया था। आवश्यक औपचारिता पूरी कर वर्ष 2016 में विनय कुमार यादव सहायक अध्यापक की तैनाती अध्यापक गणित विज्ञान के रूप मेें राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवदह में हुई थी। इसी तरह, विवेक सिंह की तैनाती सहायक अध्यापक जीव विज्ञान के रूप में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चककुचाई में हुई थी। अनीता रानी की तैनाती सहायक अध्यापक हिंदी के रूप में पं. दीनदयाल राजकीय माडल इंटर कॉलेज कटिहारी में हुई थी। यह भर्ती मेरिट के आधार पर हुई थी। आरोप है कि शिक्षकों ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और मोनार्ड विश्वविद्यालय से फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल की थी। विभाग की तरफ से कई बार संदिग्ध अभिलेखों की जांच कराई गई। भर्ती होने के 10 वर्ष बाद विभाग ने फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2019 से शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगी थी। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि बर्खास्त तीन शिक्षकों से वेतन रिकवरी करने और एफआईआर दर्ज कराने के लिए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आदेश दिया गया है।