मऊ। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक अशोक कुमार ने गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद तीन सगे भाइयों को दोषी पाते हुए 7-7 वर्ष की सजा के साथ ही कुल 18-18 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया।अर्थदंड न देने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 75 प्रतिशत धनराशि मृतका गीता देवी के विधिक प्रतिनिधि को देने का आदेश दिया। मामला कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार उम्मनपुरा गांव निवासिनी हेवंती देवी पत्नी हरिनाथ चौहान की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था। इसमें गांव के ही अंगद चौहान, यशवंत चौहान और अमित चौहान पुत्रगण निठुरी उर्फ राजेश चौहान को आरोपी बनाया। वादिनी का कथन था कि 27 अप्रैल 20 को पुरानी रंजिश में आरोपीगण लाठी डंडा व धारदार कुल्हाड़ी लेकर उसके दरवाजे पर चढ़ आये। तथा उसकी देवरानी गीता देवी पत्नी जयराम चौहान को मारने पीटने लगे। वह बीच बचाव करने गई तो उसे और लीलावती को भी चोटें आईं। इलाज के दौरान 30 अप्रैल 20 को गीता देवी की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी ने कुल 7 गवाहों को पेश कर पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण अंगद चौहान, यशवंत चौहान और अमित चौहान को गैर इरादतन हत्या, मारपीट व धमकी देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद तीनों को गैर इरादतन हत्या के मामले में सात-सात वर्ष की सजा के साथ ही 15 -15 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। मारपीट के मामले में एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपए अर्थदंड लगाया। वहीं धमकी देने के मामले में दो-दो वर्ष की सजा के साथ ही दो-दो हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 4-4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 75 प्रतिशत धनराशि मृतका गीत देवी के विधिक प्रतिनिधि को प्रतिकर स्वरूप देने का आदेश दिया।