त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर माहौल गरमाने लगा है। दावेदारों और उनके परिवारीजन पर चुनाव लड़ने, नहीं लड़ने के लिए दबाव बनाया जाने लगा है।
ऐसा ही वाकया पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष बैजनाथ प्रसाद के साथ हुआ। उन्होंने पुलिस में आजमगढ़ जेल में बंद राजू कनौजिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उन्हें बदमाश ने धमकी दी है कि अगर उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ती हैं तो गंभीर परिणाम उन्हें भुगतने होंगे।
बता दें कि रानीपुर जिला पंचायत क्षेत्र आगामी चुनाव के लिए अनुसूचित महिला के लिए सुरक्षित किया गया है। पहले से इस सीट पर कई लोग नजरें लगाए हुए थे। जेल में बंद राजू कनौजिया ने भी पोस्टर बैनर पहले से भी लगवा रखा है।
लेकिन जब से यह सीट दलित वर्ग की लिए आरक्षित हो गई है, तब से इस सीट पर अनुसूचित जाति के कई लोग अपने घरों की महिलाओं को ही प्रत्याशी बनाकर सीट कब्जाने की जुगत में लग गए हैं। इस मुहिम में पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष बैजनाथ प्रसाद भी जुट गए बताए जाते हैं।
इन्होंने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी। जब इस बात की जानकारी राजू को हुई तो वह बौखला गया। बकौल बैजनाथ प्रसाद मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे काझा गाव में प्रचार के लिए गए थे, तभी उनकी मोबाइल पर फोन आया।
फोन करने वाले ने अपना नाम आजमगढ़ जेल में बंद राजू कनौजिया बताते हुए धमकाया कि यदि आप अपनी पत्नी को उम्मीदवार बनाते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। धमकी सुनते ही बैजनाथ प्रसाद दहशत में आ गए।
उन्होंने इसकी लिखित शिकायत रानीपुर थाने को दी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है। इस संबंध में एसओ अशोक कुमार सरोज का कहना है कि धमकी देने वाले के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्दी ही घटना का खुलाया होगा।