मधुबन के देवारा में बाढ़ के पानी से बर्बाद हुई फसल।
घाघरा में बाढ़ आने से दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र तथा मधुबन तहसील के निचले इलाकों की हजारों एकड़ फसल जलमग्र होने से खेती किसानी पर संकट गहराने लगा है। फसल नष्ट होने से किसानों को खून के आंसू रोना रोना पड़ रहा है। महकमे की तरफ से समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कागजी खानापूर्ति की जा रही है। फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है।
दोहरीघाट तथा मधुबन तहसील के देवारा में घाघरा प्रतिवर्ष कहर बरपाती है। सिंचाई विभाग तथा प्रशासन की ओर से बाढ़ से निजात दिलाने के लिए योजनाएं तो प्रतिवर्ष बनाई जाती है, लेकिन अभी तक जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा सकी है। महकमे तरफ से बनाई गई योजनाएं फाइलों में ही सिमट कर रह जाती है। घाघरा ने इस वर्ष भी कहर बरपाया है। पानी में डूबी हुई फसल को किसान दूर से ही निहार रहे हैं।
फसल नष्ट होने से पशुओं के सामने चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। मेहनत कमाई की फसल नष्ट होने से उनको जीविका चलाने का संकट उत्पन्न हो गया है। किसान आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित किसानों की सुधि लेने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है।