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अबकी बार होंगे 671 गांवों के प्रधानों के चुनाव

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मऊ। ग्राम पंचायतों के चुनाव के लिए वर्ष 2015 में 684 ग्राम पंचायतों में प्रधान पदों के लिए चुनाव कराए गए थे। इनमें से 262 ग्राम पंचायत प्रधानों के पद आरक्षित किए गए थे। इनमें अनुसूचित जाति के महिला और पुरुष के लिए 199 और अनुसूचित जनजाति के महिला पुुरुष के लिए 21 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के महिला और पुुरुष लिए 121 पद आरक्षित किए गए थे। इसके अलावा महिलाओं के लिए 100 पद आरक्षित किए गए थे। 222 पद अनारक्षित थे। इस बार 13 ग्राम पंचायतों के नगर पंचायतों में चले जाने से केवल 671 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। आरक्षण के बारे में शासन से अभी कोई स्पष्ट गाइड लाइन नहीं आई है। आरक्षण किस प्रकार से होगा इसे लेकर लोगों में ऊहापोह की स्थिति है।
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साल 2015 में जनपद में कुल 684 ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए गए थे। रानीपुर ब्लाक में सबसे अधिक 92 ग्राम पंचायतों, घोसी और बड़रावं ब्लाकों में 72-72, ग्राम पंचायतों पर कोपागंज ब्लाक में 81, मुहम्म्दाबाद गोहना ब्लाक में 83, परदहां में 51, रतनपुरा में 77, दोहरीघाट में 74 और फतेहपुर मंडाव में 82 ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए गए थे। इनमें से अनुसूचित जन जाति के महिला के एक एक पद सभी ब्लाकों में तथा बड़रांव, रानीपुर और दोहरीघाट ब्लाकों में प्रधान पद के अनुसूचित जनजाति के दो दो तथा शेष अन्य छह ब्लाकों में एक एक प्रधान पद सहित कुल 21 पद अनुसूचित जान जाति के लिए आरक्षित किए गए थे।
इसी प्रकार सभी नौ ब्लाकों में अनुसूचित जाति के महिला के लिए 56 और अनुसूचित जाति के पुरुष के लिए 99 पद सहित कुल 155 पद आरक्षित किए गए थे। जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रधान पद के लिए महिला के लिए 65 और पुरुष के लिए 121 सहित कुल 186 पद आरक्षित किए गए थे। 100 ग्राम पंचायतों के प्रधान पद केवल महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए थे। 222 ग्राम प्रधानों के पद अनारक्षित थे। इस बार अभी तक आरक्षण को लेकर कोई स्पष्ट गाइड लाइन नहीं आई है।
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तैयार कराया जा रहा 20 सालों के आरक्षण का विवरण
मऊ। वर्ष1995 से 2015 तक हुए ग्राम पंचायतों के प्रधान सहित अन्य पदों के आरक्षण का विस्तृत विवरण तैयार कराया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इन आंकड़ों का अध्ययन करने के पश्चात शासन से कोई गाइड लाइन जारी हो सकती है। ऐसी चर्चा है कि ग्राम प्रधान , क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए आरक्षण जिलाधिकारी स्तर से चक्रानुक्रम से हो सकता है और जिला पंचायत सदस्यों का आरक्षण शासन स्तर से होगा। इस बाबत डीपीआरओ घनश्याम सागर से संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं किया।
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