दो दिवसीय लाकडाउन के दौरान शनिवार को नगर के मिर्जाहादीपुरा में बंद दुकानें,पसरा सन्नाटा।
- फोटो : MAU
मऊ। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए शासनादेश पर लागू साप्ताहिक पूर्ण बंदी का जिले के लोगों ने साथ दिया जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान सफाई और सैनिटाइजेशन का कार्य किया गया। बंदी के चलते लोगों ने एक दिन पहले ही जरूरत के सामान की खरीदारी कर ली थी और सभी शनिवार को घरों में ही रहे। सभी दुकानें बंद रहीं जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सड़क पर आवश्यक सेवा में लगे लोग ही नजर आए। इस दौरान हाईवे पर वाहनों की आवाज और मरीजों को लेकर गुजरने वाली एंबुलेंस का हूटर सुनाई देता रहा।
साप्ताहिक पूर्ण बंदी के तहत शनिवार को सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा रहा। इस दौरान पुलिस वाले भी कदाचित सड़कों पर दिख रहे थे। दोपहर के समय रोडवेज पर बीस यात्री बस के इंतजार में खड़े थे। गुजरने वाली बसों में कोविड मानक के तहत यात्रियों के बैठाने की कवायद की जा रही थी। बस में क्षमता के अनुसार पचास फीसदी लोग ही सवार थे। शहर में जाने पर पूरी तरह से सन्नाटा दिखा। सदैव गुलजार रहने वाले आजमगढ़ मोड़, गाजीपुर तिराहा, बाल निकेतन तिराहा, भीटी चौक, सदर चौक पर पूरी तरह से सन्नाटा छाया था। आलम था, कि चाय पान तो छोड़िए सब्जी और किराने की दुकानें भी बंद थी। पूरे शहर का भ्रमण करने पर सिर्फ और सिर्फ मेडिकल हाल खुले थे। उसमें भी कई दुकानें बंद थी। दोपहर में एक बजे के करीब सदर अस्पताल पहुंचने पर वहां जांच कराने वालों की भीड़ नजर आई। यही हाल महिला अस्पताल पर दिखा, यहां तो समय से पहले एंटीजेन किट समाप्त होने के कारण जांच का कार्य बंद कर दिया गया। रेलवे स्टेशन पर भी सन्नाटा छाया था। यहां पर ट्रेन के आने का समय भी नहीं था। इसके चलते गाड़ी का इंतजार करने वाले नहीं दिखे। सबसे बड़ी बात तो यह थी कि इस बार लोगों को घरों में कैद करने के लिए पुलिस वालों को कोई विशेष मशक्कत नहीं करनी पड़ी।