मऊ। स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में व्याप्त अनियमितताओं की जांच कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि जिले में बिना मानक और बिना मान्यता के संचालित हो रहे प्ले वे स्कूलों की जांच कर मानक के विपरीत चल रहे प्ले वे स्कूलों को तत्काल बंद किया जाए।प्राथमिक विद्यालयों में दिए जा रहे मिड डे मील के गुणवत्ता निरर्थक हो गई है।
जिले के कॉन्वेंट, सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में प्रत्येक वर्ष शुल्क वृद्धि की जा रही है इसका मानक तय किया जाए। प्रत्येक वर्ष पुस्तके और ड्रेस कोड भी बदले जा रहे हैं। एक विद्यालयों में एक बार प्रवेश लेने पर कक्षा 12वीं तक पढ़ा जा सकता है लेकिन जिले के निजी विद्यालयों में प्रत्येक वर्ष प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है जिसे तुरंत रोका जाए।
विभिन्न महाविद्यालयों में एक ही भवन में कई कोर्सों की मान्यता लेकर उनका संचालन किया जा रहा है। ऐसे महाविद्यालयों के सभी कोर्सों की सामूहिक जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।
शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के पास एक ही परिसर से कई कोर्सों का संचालन हो रहा है एवं प्रवेश और परीक्षाएं ही हो रहे हैं। कक्षाओं के नाम पर ना तो उनके पास शिक्षक हैं ना तो कमरे हैं केवल डिग्रियां बंट रही हैं।
स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षकों की सूची सार्वजनिक की जाए। क्योंकि किसी महाविद्यालय में शिक्षकों का अनुमोदन नहीं है। उच्च शिक्षण संस्थानों में निरंतर छात्रों की संख्या परिसरों से घट रही है।
जिले में बिना पंजीकरण के चल रहे कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी को बंद किया जाए। बिना पंजीकरण व मानक के विपरीत चल रहे अवैध पैथोलॉजी व मेडिकल स्टोर को बंद किया जाए। इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री प्रशांत त्रिपाठी, अनन्या शर्मा, अविनाश गुप्ता, वेदांत मल्ल, ओंमकार सिंह, आकाश आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।