फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूकंप ने फिर दिए झटके, दो की मौत

Sun, 26 Apr 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में रविवार को दूसरे दिन भी दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में अफरातफरी रही।
विज्ञापन



रविवार को मध्याह्न बाद कंपन शुरू होते ही चहुंओर हड़कंप मच गया, लोग घरों से बाहर की ओर भागे। भूकंप से गिरने के कारण जहां एक राजमिस्त्री की मौत हो गई, वहीं उसका साथी मजदूर घायल हो गया।


मधुबन थाना क्षेत्र के कमरौली गांव एक वृद्धा की भागने में मौत हो गई। दो मकान धराशाई हो गए साथ ही कई मकानों में दरार पड़ र्गइं। राहत के लिए लोगों ने मंदिरों में जहां प्रार्थना की, वहीं मुस्लिमों ने नमाज अदा कर सलामती के लिए दुआ की।
विज्ञापन



दोहरीघाट थाना क्षेत्र के ठाकुरपुर गांव में रविवार को एक भवन में काम कर राजमिस्त्री छोटेलाल चौहान (65) साइकल से खाना खाने जा रहा कि 12.43 से 12.46 के बीच आए भूकंप के झटके से गिर पड़ा। जब तक लोग उसे संभालने के लिए दौड़ते, उसने  दम तोड़ दिया।


उसके साथ आ रहा एक अन्य मजदूरा रामवृक्ष घायल हो गया। इसी थाना क्षेत्र के कमलातिवारीपुरा मोहल्ले में सुधीर वर्मा के मकान में दरार पड़ गई। 


 कोपागंज संवाददाता के अनुसार कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में रविवार को भी भूकंप के झटके आने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान कोपागंज थाना क्षेत्र के दोस्तपुरा मोहल्ले  में शिवजी का पक्का मकान ढह गया। संयोग रहा कि लोग घर से बाहर निकल चुके थे।


जबकि इसी थाना क्षेत्र के अब्बूपुर गांव में इंद्रदेव का निर्माणाधीन मकान ध्वस्त हो गया। दोस्तपुरा में ही महेंद्र मास्टर, कन्हैया सोनकर, चंद्रपति साहनी तथा हिकमा के रामचंद्र तिवारी सहित आधा दर्जन लोगों के मकानों में दरार पड़ गई।


घोसी कोतवाली अंतर्गत अमिला कस्बा स्थित एक धार्मिक स्थल की दीवार में भी दरार पड़ गई। मधुबन संवाददाता के अनुसार कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में रविवार को भूकंप के दो झटके महसूस किए गए।


 मधुबन थाना क्षेत्र के सिंहासन गांव के पास सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। दोपहर बाद काम कर रहे मजदूर पास में ही बंद पड़े पोल्ट्री फार्म के पास खाना खा रहे थे।


इसी बीच पोल्ट्री फार्म की दीवार ढह जाने से पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन फानन में घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया। दो मजदूर रामचीज तथा इंद्रजीत सिंह  की हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सभी घायल बिहार के थे, जिनके नाम रामचीज (48), इंद्रजीत (25), घनश्याम प्रजापति (29), राधेश्याम (24), बालकृष्ण प्रजापति(20) निवासी सिंहरसी तथा बिमलेश (35) बिहार के बताए जा रहे हैं।


 मधुबन संवाददाता के अनुसार थाना क्षेत्र के कमरौली गांव निवासी 72 फूलमती रविवार की दोपहर में आए भूकंप के दौरान सोई हुई थी। भूकंप का झटका उसे लगा तो वह हड़बड़ा कर जगी और भागने का प्रयास करने लगी। इसी प्रयास में वह गिरी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


वहीं मधुबन के सिंहापुर में भूकंप से गिरी दीवार से घायल को एसडीएम अमरनाथ राय ने राजेंद्र को 3200 रुपये, रवींद्र को 3200, रामचीज को 4300, इंद्रजीत को 4300, राधेश्याम को 4300, घनश्याम प्रजापति को 4300, बालकृष्ण प्रजापति को 4300, विमलेश महतो को 4300 का चेक प्रदान किया।


 रविवार को दोपहर फिर से कंपन का आभास होते ही लोग अपने घरों, प्रतिष्ठानों से बाहर निकल आए। काफी देर तक घर के बाहर सुरक्षित स्थानों पर बैठे रहे।


हालांकि सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों, निजी प्रतिष्ठानों सहित स्कूली बच्चाें की छुट्टी के चलते बाजारों कसबे में अपेक्षाकृत कम गहमागहमी रही। पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार रविवार को क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए।
विज्ञापन



इस दौरान लोग अपने घरों, प्रतिष्ठानों से बाहर निकलकर काफी देर तक  खड़े रहे। अमिला संवाददाता के अनुसार कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में मध्याह्न बाद भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। कसबा स्थित काली मंदिर की दीवार में दरार पड़ गई। कंपन शुरू होते ही अफरातफरी मच गई। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें