शहर कोतवाली क्षेत्र के बलिया मोड़ के समीप एक मैरिज हाल में गुरुवार की रात हर्ष फायरिंग में गोली लगने से मरे युवक के परिवारीजन ने शुक्रवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे चक्काजाम कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर घर से निकलते समय जिला अस्पताल के बाहर वाराणसी-गोरखपुर राज मार्ग को जाम कर दिया।
परिवारीजन का आरोप है कि गोली मारकर हत्या किए जाने के इस मामले में शहर कोतवाली पुलिस अनिच्छित हत्या का मुकदमा दर्ज की है।
जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, जाम समाप्त नहीं करेंगे। करीब घंटे भर तक चला जाम शहर कोतवाल एमपी सिंह के हत्या का मुकदमा दर्ज करने के आश्वासन पर समाप्त हुआ। जाम के दौरान नेशनल हाइवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।
हर्ष फायरिंग में मरा 13 वर्षीय राजेश यादव मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के चकजाफरी गांव का निवासी था। जाम करने वालों में शामिल उसकी पत्नी बिंदू देवी, तीन बच्चे आठ वर्षीय विकास, पांच वर्षीय विशाल व छह वर्षीय विवेक की आंखों से झर-झर आंसू बह रहे थे।
बिंदू देवी के चेहरे पर पुलिस के खिलाफ गुस्सा था। बिंदू ने बताया कि उसके गांव के ही अशोक कुमार वर्मा के बेटे की गुरुवार को बलिया मोड़ के समीप उक्त मैरेज हाल में सगाई थी। उसमें शामिल होने के लिए वह उसके पति राजेश यादव को भी साथ लाया था।
यहीं पर किसी बात में दोनों में तकरार हो गई। इससे आक्रोशित होकर अशोक ने राजेश की गोली मारकर हत्या कर दी। यही नहीं उसकी लाश जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष द्वार पर फेंककर वह भाग गया। वह जब मुकदमा लिखवाने शुक्रवार को शहर कोतवाली पहुंची तो कोतवाल ने हत्या का मुकदमा लिखने की बजाय अनिच्छित हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही। ऐसा कर पुलिस उसके साथ न्याय नहीं कर रही है।