जिले में बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का कहर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। लेकिन जिला प्रशासन इससे बेखबर है।
ठंड से बचने के लिए न तो कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं की गई थी। दोपहर के बाद तक हल्की धूप निकलने के बाद भी लोग कांपते देखे गए। बाजारों में चहल पहल काफी कम रही। ठंड के चलते प्लेटफार्म पर यात्री ठिठुरते नजर आए।
ठंड से कई लोगों की मौत होने के बाद भी जिले के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की जलवाने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। ठंड से निजात पाने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाते देखे गए।
मंगलवार को हुई बारिश के बाद ठंड पड़ने का सिलसिला जारी है। गुरुवार की रात से कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। इसके चलते वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा था। ठंड पड़ने के चलते लोगों के देर से निकलने के चलते बाजारों में अपेक्षाकृत कम गहमागहमी रही।
इसके चलते ट्यूशन पढ़ने वाले छात्रों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। शीतलहर की वजह से प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा है।
ठंड बढ़ जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा सभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की अभी तक कोई व्यवस्था न होने से गरीबों का जीना दूभर हो गया है। ठंड के बढ़ जाने से दूकानदारों के चेहरे पर मुस्कान देेखते ही बन रही है। जिलाधिकारी के फरमान के बाद भी जिले के विभिन्न इलाकों में कागज पर ही अलाव जलवाने का क्रम जारी है।
उधर सामाजिक स्तर पर कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाएं भी उदासीन नजर आ रही हैं। ठंड के कहर से अब तक कई लोग काल के गाल में समा चुके हैं। इसके बाद भी प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। ठंड के खौफ से पटरी दूकानदार भी शाम पांच बजते ही अपनी दुकान समेटकर घरों की ओर रवाना हो जा रहे हैं।
सिपाह इब्राहिमाबाद संवाददाता के अनुसार तीन दिनों से मौसम के बदले मिजाज से ठंड चरम पर है। गरीबों की हालत बद से बदतर हो रही है। पछुआ हवा के चलने के कारण गलन भी काफी बढ़ गई है। इसके चलते गरीबों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रह है। बाजार में आने जाने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने अलाव जलाने की माँग की है।