दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को लगातार तीसरे दिन 20 सेमी बढ़ा। नदी का जलस्तर जैसे-जैसे खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ती ही जा रही हैं।
24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। बाढ़ का पानी तटवर्ती इलाकों में घुसने से हजारों एकड़ फसल के जलमग्न होने का खतरा है। नदी के रौद्र रूप धारण करने से ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
24 घंटे में जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ा है। गौरीशंकर घाट पर सोमवार को नदी का जलस्तर 69.75 मीटर दर्ज किया गया। रविवार को जलस्तर 69.55 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
नदी अब खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 15 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। नदी की तेज लहरें भारत माता मंदिर, श्मशान घाट, खाकी बाबा की कुटी पर सीधे टक्कर मार रही हैं। नदी के बढ़ने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर पर खतरा मंडराने लगा है।
वहीं तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, रामनगर, बहादुरपुर, सरया, पतनई, गोधनी, बीबीपुर, ठाकुर गांव, ताहिरपुर, जमीरा चौराडीह, कोरौली, बेलौली, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। फसलों के जलमग्न होने से लोगों को नुकसान की चिंता सता रही है।