जनपद के सात ग्राम प्रधान और सात ग्राम पंचायत सचिव सहित 22 सदस्यीय टीम 18 जनवरी को श्रावस्ती से लौटी है। वहां मॉडल ग्राम पंचायत टंडवा महंत, कटरा और चहलवा में कराए गए विकास कार्यों का भ्रमण कराया गया।
जिस आधार पर प्रधान और सचिव अपनी पंचायतों में भी बेहतर कार्य करा सकें। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत वर्ष 2025-26 की वार्षिक स्वयं कार्य योजना में पंचायतों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों से प्रेरणा लेकर अन्य ग्राम पंचायतों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रधानों को वहां पंचायत भवन में संचालित जन सेवा केंद्र, बायोगैस यूनिट के संचालन, रखरखाव, जैविक खाद उत्पादन यूनिट से किस तरह प्रधान खुद की कमाई कर रहे हैं ये जानकारी दी गई।
जिला पंचायतीराज अधिकारी कुमार अमरेंद्र और जिला समन्वयक अंकित कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानों ने सबसे पहले श्रावस्ती के मॉडल ग्राम पंचायत टंडवा महंत में गोशाला के पास स्थापित बायोगैस यूनिट और जैविक खाद उत्पादन यूनिट का भ्रमण किया।
वहां के प्रधान शिवकुमार राजभर ने जैविक खाद की बिक्री कर अपने कार्यकाल में 30 लाख रुपये का ओएसआर जनरेट किया है। ग्राम पंचायत कटरा में गंदा पानी प्रबंधन प्रणाली और ग्राम पंचायत चहलवा में स्थित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का भ्रमण कराया गया।
बताया कि इस भ्रमण ने प्रतिनिधियों और तकनीकी टीम को अनुभव प्रदान किया है। इन पहलों से जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। गोबर से पेंट और प्लास्टिक से टाइल्स जैसी तकनीक को सीखकर मऊ जनपद में कचरा प्रबंधन और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सकेगा। इससे ग्राम पंचायतों को अपने स्वयं के कमाई के साधन उपलब्ध होंगे और स्थानीय विकास में तेजी आएगी।