मऊ नगर पालिका परिषद को नवयुग पालिका योजना से विकास कार्यों के लिए 12 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। कैबिनेट की बैठक में नगर विकास विभाग द्वारा इस योजना को स्वीकृति मिलने के बाद मऊ नगर पालिका को प्रथम श्रेणी में शामिल किया गया है।
यह योजना पांच वर्ष तक चलेगी। इससे शहर में बुनियादी ढांचे और डिजिटल सेवाओं में व्यापक सुधार तथा वार्डों में विकास को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
यह पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित योजना होगी। योजना के तहत प्रथम श्रेणी के निकायों को हर साल अधिकतम 12 करोड़ रुपये तथा द्वितीय श्रेणी के निकायों को आठ करोड़ रुपये मिलेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निकायों को अतिरिक्त 2.50 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
योजना में नगरीय निकायों को जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। 1.5 लाख से अधिक आबादी वाले निकायों को प्रथम श्रेणी और इससे कम आबादी वाले निकायों को द्वितीय श्रेणी में शामिल किया गया है।
जल निकासी की व्यवस्था होगी, हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
इसके तहत सामाजिक आधारभूत संरचना, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली, रियल टाइम मॉनिटरिंग, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, सभी तिराहों, चौराहों और मुख्य बाजारों में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, कूड़ा उठान, 100 प्रतिशत जल संयोजन, रिकॉर्ड रूम, जर्जर तारों सहित खुले में रखे ट्रांसफॉर्मर की शिफ्टिंग, थीम पार्क, जल निकासी की व्यवस्था, कुत्तों के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल, नागरिक सुविधा केंद्र, डिजिटल लाइब्रेरी और खेल सुविधाओं से संबंधित कार्य कराए जाएंगे।
परियोजना चयन समिति के अध्यक्ष होंगे डीएम
विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए परियोजना चयन समिति का गठन किया जाएगा। इसके अध्यक्ष डीएम होंगे। प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय सदस्य सचिव होंगे, जबकि अधिशासी अधिकारी समन्वयक सदस्य होंगे। डीएम द्वारा नामित लोक निर्माण विभाग के अभियंता और वरिष्ठ कोषाधिकारी इसके सदस्य होंगे। शहर के कार्यों का चयन एवं उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराते हुए प्रस्ताव समिति की ओर से शासन को भेजा जाएगा।
योजना का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर, आधुनिक सुविधाएं और पारदर्शी डिजिटल गवर्नेंस उपलब्ध कराना है। इसके तहत ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का विस्तार, स्मार्ट आधारभूत ढांचे का निर्माण, सौंदर्यीकरण और पर्यावरणीय सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
-दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी