मऊ। सपा की पार्टी बैठक शुक्रवार को पार्टी के जिला मुख्यालय पर हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की सरकार कोरोना संकट काल में सभी मोर्चों पर फेल बताया है। कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह बीमार हो गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि सत्तारुढ़ दल के ही कई मंत्री एवं विधायक कोविड-19 की चपेट में हैं। एक कैबिनेट मंत्री निधन हो चुका है। कहा कि सीएम ने अपने साढ़े तीन वर्ष में कुछ भी मेडिकल सुविधाएं विकसित नहीं कर पाए।
कहा कि प्रदेश में जो भी मेडिकल कालेज हैं वह सभी सपा शासन में बने थे। कोरोना पर अंकुश न लगने से सैकड़ों आत्महत्या करने को मजबूर हुए हैं। कोविड-19 मरीजों के उपचार में लगे लोग भी उसकी चपेट में आ रहे हैं। कोरोना वारियर्स भी सरकारी उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं।
कहा कि गोरखपुर में स्वास्थ्य कर्मियों को भोजन नहीं मिलने और बरेली में सैनिटाइजर खरीद में भ्रष्टाचार की शिकायतें हैं।बदायूं में क्वॉरेंटाइन सेंटर पर मरीज भूख से तड़प रहे हैं। कानपुर में संक्रमित लोगों की तादाद बढ़ी है, फतेहपुर में चारपाई पर एंबुलेंस सेवा का दर्दनाक दृश्य दिखा है राज्य में एंबुलेंस तक का अकाल पड़ गया है।
लखनऊ के तेलीबाग क्षेत्र के एक आयुष डॉक्टर की कोरोना से मौत के 17 घंटे बाद भी शव वाहन नहीं मिला। केसरीखेड़ा के विक्रम नगर निवासी 36 साल के युवक की मदद की गुहार के 24 घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। कहा कि जिले में घाघरा की बाढ़ में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की लापरवाही से चक्ीमूसाडोही गांव के छह लोगों की नाव हादसे में जान चली गई। चक्कीमूसाडोही के बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जिम्मेदार जिला प्रशासन की थी। लेकिन उन्हें उनके हाथ पर छोड़ दिया गया।
कहा कि आज की बदहाली के लिए भाजपा सरकार स्वयं जिम्मेदार है। सरकार का ध्यान बीमारी से निपटने में नहीं है। दावा किया कि सपा शासन में स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार किए गए थे। मरीजों के इलाज के लिए 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं, एक रुपए की परची पर इलाज और सभी जांच मुफ्त तथा गंभीर रोगों किडनी,दिल और लीवर के भी मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई थी। भाजपा सरकार ने इन सभी व्यवस्थाओं को चौपट कर दिया।
कहा कि कानून व्यवस्था की तरह कोरोना बीमारी भी पूरी तरह से अराजक हो चली है। सरकार ने अपनी हठधर्मी से विपक्ष की उचित सलाह भी नहीं मानी। बैठक में कुद्दूस अंसारी, वीरेद्र चौहान,डा. ओपी यादव , राम शब्द यादव , वीरेंद्र यादव , राम धनी चौहान, राम हरि चौहान, राम जतन राजभर सहित काफी लोग मौजूद रहे।