दिसंबर माह के शुरूआती दौर में ही ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर
दिया है। ठंड और गलन के साथ-साथ कोहरा भी अब लोगों के परेशानी का सबब बनता
जा रहा है।
रविवार को कोहरे के चलते कई ट्रेनें विलंब से स्थानीय रेलवे
स्टेशन पर पहुंची। जिसमें उत्सर्ग एक्सप्रेस जहां आठ घंटे विलंबित रही
वहीं, इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से पांच घंटे की विलंब से
पहुंची।
यात्री ट्रेनों के विलंबित होने से इस ठंड भरी सफर में यात्रियों
को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार को ट्रेनें विलंब
से चलने के कारण स्थानीय रेलवे स्टेशन के पूछताछ काउंटर
पर यात्रियों की
काफी भीड़ लगी रही। यात्रियों में अपनी ट्रेन की स्थिति जानने की उत्सुकता
ज्यादा रही। रविवार को टिकट खिड़की पर भी यात्रियों की ज्यादा भीड़ रही।
जिसके चलते
टिकट लेने के लिए यात्रियों को घंटाें खड़ा रहना पड़ा। रविवार
को कोहरे के चलते विलंब से पहुंची ट्रेनों में बलिया-शाहगंज पैसेंजर तीन
घंटे, तमसा पैसेंजर 5 घंटे, मऊ-आनंदविहार
एक्सप्रेस दो घंटे लेट रही। इसके
साथ ही गोरखपुर- मडुवाडीह पैसेंजर 6 घंटे, इंटरसिटी मडुवाडीह से गोरखपुर
पांच घंटे, उत्सर्ग एक्सप्रेस डाउन आठ घंटे, लिच्छवी डाउन एक्सप्रेस दो
घंटे, कृषक एक्सप्रेस डाउन दो घंटे, ताप्ती गंगा एक्सप्रेस दो घंटे देरी से
रेलवे स्टेशन पर पहुंची। जिसके चलते यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना
करना पड़ा।
ट्रेन लेट होने के चलते महिलाओं और बच्चों को ठंड और कोहरे में
काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चे और बूढ़े
यात्रियों को हो रही है। गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों से ठंड में लगातार
हो रही इजाफा के चलते आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
लोग शाम होते ही
घरों में दुबकने के लिए विवश हो जा रहे हैं। बाजार की चाय पान की दुकानों
और वाहन स्टैंडों पर सिर्फ दूर दराज से आने वाले यात्री ही छोटे -छोटे
बच्चों के साथ दुबके नजर आते हैं।
सबसे ज्यादा फजीहत उन यात्रियों की हो
रही है, जो लंबी दूरी की सफर के लिए घर से निकलने के बाद भी ट्रेनों की
लेटलतीफी के चलते स्टेशन पर रुकने को विवश हो जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों
पर अलाव की व्यवस्था न होने की वजह से छोटे छोटे बच्चे और बूढ़े ढाबों व
दुकानाें पर ठिठुरने को विवश हो रहे हैं।
यह बात दीगर है कि ठंड की
जबर्दस्त दस्तक के बाद भी जिला प्रशासन ने अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं की
है।