मऊ। परदहां ब्लाक क्षेत्र के बकवल गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं को कथा वाचक ज्ञानानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा गोकर्ण प्रसंग सुनाया। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। बकवल गांव में 14 दिसंबर से 23 दिसंबर तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
वृंदावन से आए कथा वाचक ज्ञानानंद सरस्वती जी महराज ने गोकर्ण प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्ञान रूपी दीपक प्रत्येक व्यक्ति में विराजमान है, जो भगवत कथा के ज्ञान के श्रवण से प्राप्त होती है। कहा कि जो पुरुष अहर्निश अर्थसहित श्रीमद्भागवत-शास्त्र का पाठ करता है, उसके करोड़ों जन्मों का पाप नष्ट हो जाता है। इसमें तनिक भी संदेह नहीं है। जो पुरुष नित्य प्रति भागवत का आधा या चौथाई श्लोक भी पढ़ता है, उसे राजसूय और अश्वमेध यज्ञों का फल मिलता है सच्चिदानंद स्वरूप भगवान श्री कृष्ण को हम नमस्कार करते हैं। जो इस जगत की उत्पत्ति, स्थिति और विनाश के हेतु तथा आध्यात्मिक, आधिदैविक और आधिभौतिक तीनों प्रकार के तापों का नाश करनें वाले हैं।
भगवान श्री कृष्ण से अंतिम समय उद्धव ने प्रश्न किया कि प्रभु आप इस संसार से जा रहे है, अब भक्तगण आपका दर्शन कैसे करेंगे। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि भक्त मेरा दर्शन मेरे नाम, मेरे धाम, मेरे ग्रंथ में कर सकते है। कार्यक्रम में उर्मिला सिंह, पंडित हरिओम शरण, धनंजय पांडेय, पंडित विमल जी महाराज, अभिषेक, गौरव, जितेंद्र, विजय सिंह, अंजनी सिंह तथा कृष्ण सिंह मौजूद रहे।