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Mau News: हल्की बारिश में धंसी दो महीने पहले बनी सड़क, खामी छुपाने के लिए शुरू किया काम

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मऊ। नगर पालिका मऊ में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार चरम पर है। दो माह पहले वार्ड-25 के कासिमपुर पोखरी के पास बनी 11 लाख से इंटरलॉकिंग दो दिन पहले हुई हल्की बारिश में धंस गई है। इसकी जानकारी होने पर जिम्मेदार सोमवार को दो मजदूर लगवाकर इसे दुरूस्त कराने में जुटे रहे। विकास कार्य में भ्रष्टाचार का यह पहला मामला नहीं हैं बल्कि बीते दस माह यानी जुलाई 2024 से अब तक पांच मामले उजागर हो चुके हैं, जिसमें तीन सड़क और दो नाला निर्माण है। अब तक किसी मामले में सख्त कार्रवाई के बजाए सिर्फ नोटिस देकर नपा के जिम्मेदार औपचारिकता पूररी कर रहे हैं।
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नगर पालिका द्वारा वार्ड-25 बड़ी कम्हरिया में कासिम पोखरी के पास कब्रिस्तान के मध्य मार्ग से रेलवे हंडल तक इंटरलॉकिंग और नाला निर्माण 11.4 लाख रुपये से कराया गया। जिसका लोकापर्ण मार्च 2025 में नपाध्यक्ष अरशद जमाल ने किया था। दो दिन पहले हुई हल्की बारिश में पूरी इंटरलाॅकिंग सड़क धंस गई।
टीम स्थानीय लोगों की शिकायत पर सोमवार को जब मौके पर पहुंची तो मौजूद वार्डवासी इमरान, अनवर, कामरन खान, अरबाज, मजहर खान आदि ने बताया कि दो माह पहले बनी इस सड़क में घटिया सामग्री का प्रयोग करने पर शिकायत की गई थी। आरोप लगाया कि इस बेहद घटिया कार्य का वीडियो भी नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल, ईओ दिनेश कुमार को भेजा गया, लेकिन इनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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उधर सोमवार को इस खामी को छुपाने के लिए धंसी हुई इंटरलाॅकिंग को उखाड़कर हटाया जा रहा था, जिससे नए सिरे से दोबारा बिछाया जा सकें। विकास कार्य में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है, गत दिवस वार्ड 20 के सभासद सत्यप्रकाश सिंह ने अपने वार्ड में एक साल पहले बनी 26 लाख की सड़क उखड़ने की शिकायत सीएम पोर्टल पर की है। आरोप लगाया कि 500 मीटर पिच सड़क के भारी भरकम 26 लाख की राशि खर्च की गई, लेकिन गुणवत्ता न होने से तीन साल की गारंटी वाली सड़क एक साल में किनारे से उखड़ चुकी है।
दस माह, पांच भ्रष्टाचार उजागर, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं
भ्रष्टाचार का सबसे पहला मामला बीते चार जुलाई 2024 को सामने आया। निजामुद्दीनपुरा वार्ड 12 में 500 मीटर लंबी सड़क का 9.90 लाख से मेंटेनेंस किया गया था। लेकिन पहली बारिश में यह सड़क कई जगहों से धंस गई थी। इसी तरह से आठ जुलाई 2024 को वार्ड 45 रघुनाथपुरा में 25 लाख से निर्माणाधीन नाले का बीस मीटर हिस्सा ढह गया है।
वहीं छह अगस्त 2024 को ब्रम्हस्थान पास गंदे पानी की निकासी के लिए बना नाला का एक हिस्सा अपने आप से ढह गया है। इसी तरह से बीते जुलाई 2024 में ही गालिबपुर में 37-37 लाख से निर्माणाधीन आरसीसी में घटिया सामग्री का प्रयोग करते हुए खुद नपाध्यक्ष अरशद जमाल ने पकड़ा था। नपाध्यक्ष ने ईंट से आरसीसी सड़क के किनारे सतह को मारा तो वह टूटने लगी थी।
भ्रष्टाचार ऐसा कि एक ही काम पर दोबारा भुगतान की थी कोशिश
मऊ। नपा जिम्मेदारों की मानीटरिंग का अनूठा उदाहरण ऐसे समझे कि वार्ड तीस मदनपुरा इमामगंज मोड़ अहले हदीस ईदगाह के सामने इंटरलाकिंग कार्य होने के बाद इसी कार्य के लिए दुबारा 4.45 लाख का टेंडर निकाला गया। जबकि पहले यही कार्य 3.58 लाख से हुआ था। सोशल मीडिया पर मामला उजागर होने के बाद जिम्मेदारों ने टेंडर निरस्त कर दिया।
कासिमपुर पोखरी के पास इंटरलाॅकिंग धंसने के मामले में संबंधित ठेकेदार को मरम्मत कराने के लिए निर्देश जारी किया गया है। - अरशद जमाल, नगरपालिका चेयरमैन
निर्माण कार्य कराने के छह माह तक ठेकेदार की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी है। जांच लापरवाही मिलने पर संबंधित ठेकेदार को मरम्मत कराने का निर्देश जारी किया जाएगा। - दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नपा
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