बीज अनुसंधान निदेशालय कुशमौर में जय किसान-जय विज्ञान सप्ताह में कृषि में विज्ञान के योगदान पर चर्चा की गई। सप्ताह का समापन मंगलवार को हुआ। बताया गया कि विज्ञान का समुचित उपयोग करके कृषि को निरन्तर प्रगति पर ले जाया जा सकता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक डा. अरविंद नाथ सिंह ने कहा कि भारत के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों अटल बिहारी वाजपेयी तथा चौधरी चरण सिंह के विज्ञान एवं किसान कल्याण के कार्यक्रमों में योगदान को देखते हुए इनके जन्म दिवस पर जय किसान जय विज्ञान सप्ताह का आयोजन किया गया।
उन्होंने बताया कि जय किसान जय विज्ञान सप्ताह का शुभारम्भ निदेशालय में 23 दिसम्बर से किया गया । जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों जैसे छात्रों के लिये निबन्ध लेखन प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी, प्रसार कार्यकर्ताओं के लिये प्रदर्शनी तथा कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा हुई।
इसी सप्ताह में एक राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण भी दिया गया। समारोह में कार्यवाहक परियोजना निदेशक डा. टीएन तिवारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में विज्ञान के बिना कृषि की कल्पना नहीं की जा सकती है। विज्ञान का समुचित उपयोग करके कृषि को निरन्तर प्रगति की ओर ले जाया जा सकता है।
वैज्ञानिक सिद्वान्तों एवं विधियों का सही उपयोग हमेशा ही कृषि के उत्थान में सहायक रहा है। उन्होंने प्रतिभागियों के व्याख्यानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें अब कोई शक नही कि आधुनिक कृषि का आरंभ हो चुका है और विज्ञान इसे मजबूती प्रदान करेगा।
समारोह में कुल 31 प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किये गये। निबंध प्रतियोगिता में विवेक विश्वकर्मा, आशीष चौहान तथा कुमारी ज्योति यादव ने अपने -अपने वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वाद विवाद प्रतियोगिता में जितेंद्र कुमार नें प्रथम कुमारी कुसुम शर्मा ने द्वितीय तथा जय ओम द्विवेदी नें तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में डा. हरदेव राम, डा. मदन कुमार, डा. इलायराजा, सुधाकर ने विचार व्यक्त किए।