दोहरीघाट। सरयू तट स्थित अंतरराष्ट्रीय मातेश्वरी महाधाम में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मातेश्वरी परिवार की ओर से आयोजित दस दिवसीय आदि शक्ति अखंड महायज्ञ के चौथे दिन सद्गुरु जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सुखी जीवन का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवनभर धन के पीछे भागता रहता है, लेकिन धन प्राप्त होने के बाद भी उसे वास्तविक सुख नहीं मिल पाता। स्थायी सुख और समृद्धि के लिए धन का सदुपयोग जरूरी है।
जरूरतमंदों की सेवा और धार्मिक कार्यों में धन खर्च करने से जीवन में सुख-शांति आती है, जबकि दूसरों का अहित करने के लिए धन का इस्तेमाल विनाश का कारण बन सकता है। संवाद