बैठक को संबोधित करते सांसद हरिनारायन राजभर साथ में बैठे जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार
जिला विकास और निगरानी समिति की बैठक शनिवार को सांसद हरिनरायन राजभर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। इसमें विभावार पर तीखे आरोप जनप्रतिनिधियों ने लगाए। सांसद ने कहा कि भारत सरकार की मंशा के अनुसार सफाई अभियान में शिथिलता दिखाई दे रही है।
सांसद ने स्वयं सहायता समूहों के कार्य प्रगति को संतोषजनक बताया तथा परियोजना की प्रशंसा की तथा दूर संचार के जिला प्रबंधक के कार्यो को सांसद ने बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, डीसी मनरेगा, भूमि संरक्षण अधिकारी के सभी कार्यों की कमेटी द्वारा जांच कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि सभी अधिकारी दिशा की गाइड लाइन के अनुसार कार्य करें एवं योजनाओं में प्रगति लाए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ऋण योजना, स्वच्छ भारत मिशन, दीनदयाल ज्योति योजना, मनरेगा आदि कार्यों की समीक्षा की गई।
एक सदस्य ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाट कुक्ड और पुष्टाहार न वितरित करने के आरोप लगाए। सांसद हरिनारायण राजभर ने भी इस पर सहमति जताया। डीएम ने बताया कि पिछले तीन महीनों से पुष्टाहार शासन से ही नहीं आ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने बीएसए राकेश कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए शिकायत किए। एक सदस्य की शिकायत थी कि मान्यता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल में सहायक अध्यापकों , प्रधानाध्यापकों और शिक्षेणेत्तर कर्मियों की नियुक्तियों में भारी अनियमितताएं की गई हैं। उन्होंने पूछा कि ऐसे कितने अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। बीएसए इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। बैठक में बीएसए ने दावा किया कि जिले के 98 प्रतिशत विद्यालयों में निशुल्क ड्रेस , बेल्ट , छात्रों को शर्ट पैंट , छात्राओं को शर्ट स्कर्ट मोजे और जूते वितरित कर दिए गए हैं। बीएसए के इन दोनों दावों पर सवाल उठा क्योंकि अधिकांश विद्यालयों में ड्रेस का वितरण अभी तक नहीं हो पाया है।