पत्थर से राजनीति नहीं होती : रामविलास चौहान
मधुबन विधायक रामविलास चौहान ने बताया कि उन्हें शिलापट्ट के बारे में जानकारी मिली है। कहा कि वह इस पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकते हैं लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि पत्थर से राजनीति नहीं होती है।
सोशल मीडिया पर होती रही चर्चा
शिलापट्ट को हटाकर नया शिलापट्ट लगाने का एक ऐसा ही मामला नगर पालिका मऊ में भी हुआ था। इस पर पूर्व नपाध्यक्ष तैयब पालकी और नपाध्यक्ष अरशद जमाल के बीच विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा खूब वायरल हुई थी।
शासन के नियमों के अनुसार किया गया सुधार
उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम ने हाल ही में चर्चा में आए कुछ शिलापट्टों पर प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2022–23 में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की निधि से कराए गए तीन कार्यों में भूलवश गलत शिलापट्ट लग गए थे। इन्हें अब शासन के नियमों के अनुसार सुधार दिया गया है।
इसको लेकर कुछ लोग अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं, जबकि यह सुधार शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। नियमानुसार जिस विधायक या विधान परिषद सदस्य की निधि से कार्य कराया जाता है, उसी का नाम शिलापट्ट पर अंकित करना अनिवार्य है। यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू है। कुछ स्थानों पर तकनीकी कारणों से हुई भूल अब नियमानुसार ठीक कर दी गई हैं। यह एक सामान्य प्रक्रिया है और इसमें पक्षपात या अनुचित आचरण नहीं हुआ है।