रतनपुरा (मऊ)। हलधरपुर थाना क्षेत्र बकुची डांडीडीह निवासी सूर्यभान चौहान के बडे बेटे सिपाही राजेश चौहान की मौत की खबर आते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। जवान बेटे की मौत की खबर सुनकर दरवाजे पर गईं बुजुर्ग कलावती (65) पत्नी हरेराम शर्मा को ऐसा सदमा लगा कि ब्रेन हैमरेज हो गया। उनकी अस्पताल से जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। एक ही गांव में दो लोगों की मौत होने से पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। सिपाही अपने परिवार का इकलौते कमाऊ सदस्य थे।
बकुंची डांड़ीडीह निवासी राजेश चौहान (26) पुत्र सूर्यभान चौहान वर्ष 2016 बैच में पुलिस में भर्ती हुए थे। वे एक सप्ताह पहले घर से कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज थाने पर अपनी पोस्टिंग पर गए थे। शुक्रवार की रात में थाने से फोन से राजेश की बीमारी की सूचना देकर परिवार वालों को कप्तानगंज बुलाया गया। रात में ही राजेश का छोटा भाई कुछ करीबियों के वहां पहुंचा। वहां पहुंचने पर कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सुभाष चौक रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर सिर कटी लाश देखकर परिजन स्तब्ध रह गए। परिवार वालों ने राजेश की मौत की सूचना घर वालों को दिया।
यह खबर सुबह होते होते अगल बगल के गांवों में जंगल की आग की तरह फैल गई। राजेश की किन परिस्थितियों में रेलवे फाटक पर ट्रेक के किनारे मौत हुई, पुलिस इसकी जांच कर रही है। मृत सिपाही राजेश तीन भाइयों मे सबसे बडे़ थे। लगभग डेढ़ साल पहले राजेश की शादी हुई थी। उनका दो माह का एक पुत्र भी है। मृतक की मां कलपाती देवी, पिता सूर्यभान चौहान, पत्नी वंदना चौहान, भाई राहुल, रोहित चौहान का रोते रोते बुरा हाल था। मृत सिपाही की चार बहनों में तीन का विवाह हो गया है। जबकि एक बहन तथा दो भाइयों की शादी होनी अभी बाकी है।