कुछ इस तरह से चिता पर लेटकर फर्जी फोटो से अपने का मृत दिखाया था फरारी काट रहा हत्या का अभियुक
अदालत और नगर पालिका के रिकॉर्ड के साथ ही कागजों में 17 महीने से मृत हत्यारोपी राजू उर्फ राजकुमार राजभर (38) को रविवार की सुबह 9:10 बजे ख्वाजाजहांपुर मुहल्ले से गिरफ्तार कर लिया गया।
वह पत्नी और बेटे से मिलने आया था। आरोप है कि कर्ज चुकाने और हत्या के मामले में सजा से बचने के लिए राजकुमार ने खुद को 30 मई 2025 को मरा घोषित कर दिया था।
साथ ही गाजीपुर के अति प्राचीन रजागंज श्मशान घाट पर अपनी चिता सजवाई थी। परिजनों की मौजूदगी में चिता पर लेट गया और बेटे से मुखाग्नि देने की तस्वीर खिंचवाई।
इसके बाद नगर पालिका से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। शोक संदेश छपवाया और सारे दस्तावेज अदालत में जमा करा दिए। अब पत्नी और बेटे से मिलने आया तो पोल खुल गई। उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
थाना कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने रविवार को चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया। एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि ख्वाजाजहांपुर मुहल्ला निवासी राजू उर्फ राजकुमार राजभर और उसके दोस्त गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर थाना के मोहल्ला लाल भीतर निवासी सुदर्शन राजभर पर हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज है।
अदालत में सुनवाई चल रही है। आरोपियों ने 19 दिसंबर 2016 को कोतवाली क्षेत्र के मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नगरीपार गांव निवासी ईंट-भट्ठा संचालक योगेश सिंह की देनदारी के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी थी। राजकुमार ईंटों के 40 हजार रुपये नहीं दे रहा था। इसी बात पर दोनों पक्षों में विवाद था। योगेश के भतीजे अविनाश सिंह की तहरीर पर दोनों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने विवेचना की और आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया।
अदालत में ट्रायल चल रहा था। इसी बीच राजकुमार ने साजिश रची और खुद को दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया। पुलिस अब मामले की जानकारी अदालत को देगी। साथ ही अदालत से मुकदमे का ट्रायल नए सिरे से चलाने का अनुरोध करेगी।