नोडल अधिकारी प्रीति शुक्ला से मिलने जाते किसान।
मऊ। जनपद के दौरे पर आईं जिले की नोडल अफसर प्रीति शुक्ला से मंगलवार को प्रगतिशील किसानों का प्रतिनिधिमंडल मिला। प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। नोडल अधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि प्रदेश के आपदा आयुक्त को पत्र भेजकर मऊ जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया आरंभ करने लिए सूखे की स्थिति से अवगत कराऊंगी।
किसानों ने कहा कि जिले में जून से अब तक मात्र 35 प्रतिशत ही बारिश हुई है। 55 दिनों से वर्षा की एक बूंद भी नहीं पड़ी है। इसके कारण धान के उत्पादन में 60 प्रतिशत की कमी की संभावना बढ़ गई है। किसानों ने उन्हें बताया कि इस जिले में नहरों और माइनरों में टेल तक पानी नहीं पहुंचा है। विद्युत आपूर्ति, कटौती, ट्रिपिंग से किसान तीन माह से परेशान हैं। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि परदहा, मुहम्मदाबाद, रानीपुर, रतनपुरा, घोसी, बड़रांव आदि ब्लाकों में नलकूप पानी देना बंद कर दिए हैं जो नलकूप पानी दे भी रहे हैं वह आधी क्षमता में दे रहे हैं। किसानों ने जो पूंजी खेतों में लगाई है उसका आधा ही उत्पादन के रूप में पा रहा है। किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है किसान बेचारा बना है। प्रतिनिधि मंडल में जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह, रानीपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख सदावृक्ष सिंह, लोकदल जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, क्षत्रिय एकता मंच के जिलाध्यक्ष लल्लन सिंह, अनिल सिंह, रामअवतार यादव, जेपी सिंह, पूर्व सैनिक रामचीज सिंह, देवेंद्र सिंह, राम निवास सिंह, अशोक सिंह, उपेंद्र सिंह आदि प्रगतिशील किसान थे।