पिछले सप्ताह नम हवाओं और बारिश के बाद अब तापमान बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सोमवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो-दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
दोपहर के समय नगर सहित जिले के प्रमुख मार्गों पर लोगों की आवाजाही कम रही। राहगीर छांव में सुस्ताते नजर आए। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को देर से धान की नर्सरी डालने की सलाह दी है।
सोमवार को सुबह से ही धूप निकली रही। सुबह आठ बजे से ही तेज धूप लोगों को असहनीय लगने लगी थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे धूप तेज होती गई।
पिछले सप्ताह बेमौसम बारिश होने के बाद अब तेज धूप निकलने से नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। दोपहर के समय तल्ख धूप से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाहर निकलते समय लोग अपने सिर को ढककर चल रहे थे।
तेज धूप के चलते अभिभावकों के साथ दुपहिया वाहन पर आने वाले बच्चों को जहां सीधे धूप का सामना करना पड़ रहा था, वहीं स्कूल बस में बैठे बच्चे वाहन के अंदर की गर्मी से परेशान नजर आ रहे थे।
तापमान पर नजर डालें तो सोमवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 43 प्रतिशत रही। हवा 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा था।
तापमान बढ़ने से खेती-किसानी पर भी असर पड़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने कहा कि तेज धूप से सब्जी की फसल पर असर पड़ सकता है।
किसानों को खेतों में नमी बनाए रखनी चाहिए। किसान धान की नर्सरी देर से डालें। अगले तीन दिनों के भीतर आंधी-बारिश होने की संभावना है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।