मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा केंद्रों के निर्धारण मेें इस बार अंकों का जादू चलेगा। जिन स्कूलों के अंक अधिक होंगे, वे केंद्र बनेंगे। अलग-अलग चरणवार प्रक्रिया पूरी करने के बाद केंद्र निर्धारण की कार्रवाई पूरी की जाएगी। अंक निर्धारण और सत्यापन कार्य जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।
जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त, 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। यूपी बोर्ड हाईस्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा फरवरी 2026 से प्रस्तावित है। परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए केंद्र निर्धारण की कवायद तेज हो गई है। जिले में हाईस्कूल के लिए 37391 और इंटरमीडिएट के लिए 37972 सहित 75363 परीक्षार्थियों को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा देनी है।
इसके लिए केंद्र निर्धारण में इस बार अंकों का जादू चलेगा। जिन स्कूलों के अंक अधिक होंगे, वे केंद्र बनेंगे। अलग-अलग चरणवार प्रक्रिया पूरी करने के बाद केंद्र निर्धारण की कार्रवाई पूरी की जाएगी। परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था वाले विद्यालयों को केंद्र निर्धारण में वरीयता मिलेगी। ज्यादा विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूल, प्रदेश के टाॅपटेन, जनपद टाॅपटेन, परिवहन कनेक्टिविटी, स्मार्ट क्लास, पिछले वर्ष केंद्र बनने, सीसीटीवी, स्कूल श्रेणी का लाभ भी दिया जाएगा। स्कूलों को केंद्र बनाए जाने के लिए डीएम की अध्यक्षता में एक टीम गठित होगी, जिसके सचिव डीआईओएस और सदस्य जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, एसडीएम व राजकीय माध्यमिक स्कूल के एक प्रधानाचार्य सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यही टीम स्कूलों के अंक का निर्धारण और उपलब्ध संसाधनों की पुष्टि करेगी। यूपी बोर्ड के निर्देश के क्रम में बालिकाओं के विद्यालय में बालकों का परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। डिबार स्कूल भी केंद्र नहीं बनेंगे।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया चल रही है। विभिन्न मानकों के आधार पर आवेदन करने वाले स्कूलों को अंक मिलेंगे। सर्वाधिक अंक अर्जित करने वाले स्कूलों को केंद्र निर्धारित किया जाएगा।