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Mau News: तहसीलदार पर आरोप लगाकर अधिवक्ताओं ने नारेबाजी

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घोसी। स्थानीय तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ताओं में रोष है। सोमवार को तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मिश्र के नेतृत्व में तहसील परिसर में तहसीलदार के विरोध में अधिवक्ताओं नारेबाजी की, इसके साथ ही उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। मांग पूरी न होने तक अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार का ऐलान किया।
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घोसी तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मिश्र ने बताया कि तहसीलदार घोसी का आचरण भ्रष्ट है। तहसीलदार द्वारा बिना साक्ष्य और बिना किसी बहस के सैकड़ों फाइलों को खारिज कर दिया। यह मामला तहसील में प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अव्यवस्था और न्यायिक निष्पक्षता की कमी को उजागर करता है।
वहीं महामंत्री राजेश सोनकर ने आरोप लगाया कि तहसीलदार ने बिना मामलों की सही से जांच किए और बिना संबंधित पक्षों की सुनवाई किए फाइलों को खारिज किया, जिससे वादियों और अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई। यह स्थिति घोसी में प्रशासनिक पारदर्शिता की आवश्यकता को स्पष्ट करती है।
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बताया कि मजबूरन अधिवक्ताओं को आज इनका बहिष्कार करने को बाध्य होना पड़ा। बताया कि तहसीलदार को हटाने की मांग को लेकर एसडीएम अभिषेक गोस्वामी से मिलकर उन्हें अवगत कराया है।
विरोध जताने वाले में लालजीत , जयप्रकाश यादव, भुवेश कृष्ण श्रीवास्तव, बीके वर्मा, दुर्गेश सिंह, महेन्द्र अरविन्द आदि मौजूद रहे। इस संबंध में तहसीलदार शैलेंद्र चंद्र सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं के साथ बात कर सभी समस्याओं का हल निकाला जाएगा। कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। कहा कि आए दिन अधिवक्ताओं के प्रस्ताव के चलते न्यायालय में बैठकर कर कार्य नहीं हो पाता जिससे वादकारियों का अहित होता है। अनावश्यक आपत्तियों के चलते पत्रावलियों का समय से निस्तारण नहीं हो पाता है। कहा कि वार्ता के बाद सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
वहीं एसडीएम अभिषेक गोस्वामी का कहना है कि मामला संज्ञान में है, पूर्व में अधिवक्ताओं द्वारा तहसीलदार के पेशकार पर आरोप लगाया गया था, जिस पर पेशकार को हटाया गया था। वहीं तहसीलदार पर लगे आरोप की जांच की जा रही है।
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