मामले की सुनवाई नगर मजिस्ट्रेट जेएन सचान की कोर्ट में 17 मार्च 2020 को की गई। इसके बाद 27 अगस्त 2020 को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित हुआ। इस दौरान मकान के स्वामियों ने डीएम कोर्ट में अपील की। सुनवाई के बाद डीएम ने 31 अक्तूबर 2020 को खारिज कर दी थी।
सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से जारी आदेश का अनुपालन कराते हुए शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में दोनों मकानों को ढहाया गया। इस दौरान एहतियातन भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।