मऊ जंक्शन पर स्पेशल दुर्घटना सहायता यान का परीक्षण करते मंडल अधिकारी। संवाद
वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी एम रमेश कुमार ने मंगलवार को मऊ जंक्शन पर तैनात स्पेशल दुर्घटना सहायता यान का निरीक्षण किया। परीक्षण कर सक्रियता परखी जिससे जरूरत पड़ने पर 30 से 45 मिनट में राहत बचाव कार्य किया जा सके।
संरक्षा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरजे चौधुरी दुर्घटना सहायता यान में मौजूद आपातकालीन उपकरणों, राहत बचाव सामग्री, संचार व्यवस्था (मोबाइल फोन, पीसीपी, सेटलाइट फोन), विद्युत प्रकाश (टॉवर लाइट, जनरेटर), चिकित्सा व्यवस्था (दवाईयां, सर्जिकल मेटेरियल, स्ट्रेचर) और स्टाफ की तत्परता का परीक्षण किया।
दुर्घटना स्थल पर उपकरण, क्रेन और औजारों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए बेहतर इंतजाम करने को कहा किया ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर यान को पहुंचाया जा सके। एम रमेश कुमार ने बताया कि 140 टन क्रेन युक्त ए-क्लास शल दुर्घटना सहायता यान को लेकर मऊ जंक्शन को अत्याधुनिक एस-5 मैनेजमेंट सिस्टम सर्टिफिकेट प्राप्त है।
आधुनिक दृष्टिकोणों में अब दुर्घटना होने से पहले वास्तविक समय में दरारों और दोषों का पता लगाने के लिए एआई संचालित मशीन और विजन आधारित निरीक्षण प्रणाली शामिल हैं। इस दौरान सौरभ राठौर, रजत प्रिय, संजय राय, शहजाद हसनैन आदि अधिकारी मौजूद रहे।