महीनों से पानी की आस लगाए किसानों ने दोहरीघाट पंप कैनाल की कुशाडीह माइनर को सोमवार की रात में काट दिया। जिससे इस नहर में छोड़ा गया पानी इलाके में फैल गया और नहर में आगे का प्रवाह अवरुद्ध हो गया। मंगलवार की सुबह जानकारी होने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने टूटी नहर की मरम्मत कराना शुरू करा दिया। नहर टूटने से क्षेत्र में पड़ने वाले नहर की सिंचित एरिया के किसानों में भारी निराशा फैल गई। इस नहर में कई महीनों के बाद पानी छोड़ा गया था। सिंचाई विभाग नहर काटने वाले किसानों को चिह्नित करके प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।
कुशाडीह माइनर में पुराने पुलों को तोड़ कर नये पुल बनाए जा रहे हैं। फरवरी से इन पुलों का निर्माण चल रहा है। पुलों की दीवारें महीनों पहले बनकर तैयार हो गई थीं लेकिन उनका लिंटर नहीं लगवाया गया। लिंटर न लगने की वजह से विभाग की ओर से नहर में पानी ही नहीं छोड़ा जा रहा था। इससे किसान नाराज थे। नाराज किसानो ने सूखी नहर हो पाटने की चेतावनी दे डाली थी। सोमवार को इस माइनर में पानी छोड़ा गया तो पानी की आस लगाए किसानों ने नहर ही काट दी। रात में नहर काटने से जो पानी छोड़ा गया था वह खेतों में बह गया और नहर का प्रवाह कम हो गया। सुबह किसानों ने देखा कि नहर कटी हुई है तो सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दिया। सूचना मिलते ही अवर अभियंता प्रिंस सिंह मौके पर पहुंच गए ,उन्होंने इस प्रकरण की जानकारी अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार सरोज को दी। एक्सईएन ने कटी हुई नहर की मरम्मत तत्काल कराने का निर्देश दिया। कुछ देरी बाद सहायक अभियंता एम राम भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने कटी नहर की मरम्मत कराना शुरु कराया। शाम तक नहर की मरम्मत करा दी गई थी लेकिन नहर में पानी का प्रवाह काफी कम था। मुन्ना सिंह,दया सिंह,संजय यादव,कृष्ण कांत पांडेय,खन्नू शर्मा,अमर सिंह,वीरप्रकाश मौर्य और अमरजीत यादव आदि किसानों ने कहा है कि नहर में भरपूर पानी छोड़ा जाए जिससे कुलाबों से होकर पानी खेतों तक पहुंच सके।
कुशाडीह माइनर को कुछ किसानों ने सोमवार की रात में काट दिया। सुबह जानकारी होने पर नहर की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया। नहर काटने वालों को चिह्नित करके उनके विरुद्ध एफआईआर होगी। - वीरेंद्र कुमार सरोज, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग , मऊ