कस्बे से होकर गुजरने वाली सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर और उग्र रुख से ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। बीते 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
गौरीशंकर घाट पर शनिवार को नदी का जलस्तर 69.55 मीटर दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को यह 69.50 मीटर था। नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 35 सेंटीमीटर नीचे है। तटवर्ती इलाकों के लोगों का कहना है कि नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान कटान और नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। जलस्तर में अचानक वृद्धि से लोग सहमे हुए हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ने से मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद और हनुमान मंदिर सहित कस्बे की ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं, धनौली रामपुर, नईबाजार, नौली, बहादुरपुर, सरया, पतनई, गोधनी, बीबीपुर, जमीरा चौराडीह, बेलौली, सूरजपुर, रसूलपुर और महुआबारी सहित तटवर्ती गांवों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।