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Mau News: कटान से नई बस्ती के अस्तित्व पर संकट

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सरयू नदी से तेज होता कटान: संवाद - फोटो : samvad
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मधुबन। स्थनीय तहसील क्षेत्र के उत्तर दिशा स्थित धर्मपुर बिशुनपुर की नई बस्ती के गांव के पास कटान तेज होने से गांव का अस्तित्व मिटने के कगार पर पहुंच चुका है। फसलें जलमग्न हो गई हैं। सरयू में बाढ़ से 25 गांवों के लोग प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने दशकों पहले बनाए आशियानों को खाली करना शुरू कर दिया है। गांव के 14 घरों के लगभग 50 लोगों ने दुबारी स्थित कॉलेज में बने आश्रयगृह में में शरण ली। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से नदी कहर बरपाती है, लेकिन कटान समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
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सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से मधुबन के देवारा में कटान पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर, बिंदटोलिया, नई बस्ती, दुबारी, मोलनापुर लगभग तीन किलोमीटर के दायरे में 25 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गत शनिवार को नई बस्ती निवासी बहादुर का मकान और अमरुद का पेड़ नदी मेें विलीन हो गए। कटान से ग्रामीणों में दहशत है। गांव के बहादुर, कुसुम देवी, अभिमन्यु, घनश्याम, रामशब्द, नंदू, रामदुलारे, राम छबिला, रामचंदर, शंकर दयाल, कमला, राधेश्याम, मीना सहित 14 लोगों परिवारों के 50 लोग दुबारी स्थित जनता शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में शरण लिए हुए हैं। नदी में कटान से घनश्याम, राधेश्याम और कुसुम देवी का मकान सरयू में समा गया। कटानपीड़ित घरों में रखे सामानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने मेें दिन रात एक किए हुए हैं। गांव की उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो रही है। नदी के कहर बरपाने का सिलसिला चलता रहा तो नई बस्ती का अस्तित्व मिट सकता है। नदी के जलस्तर पर नज डाला जाए तो रविवार दोपहर 12 बजे हाहानाला रेगुलेटर पर जलस्तर 65.80 मीटर दर्ज किया गया। जबकि शनिवार को 65.60 मीटर था। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ा है। जबकि यहां खतरा बिंदु 66.31 मीटर है। लगातार बढ़ते जलस्तर से नई बस्ती गांव में कटान लगातार जारी है।

कोट -

राजस्व कर्मियों की बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और लगातार निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। बाढ़ में 60 से 62 हजार की आबादी प्रभावित हो सकती है। इसलिए हर स्तर पर तैयारियां रखी जा रही हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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- राजेश अग्रवाल, उपजिलाधिकारी, मधुबन
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