जिले के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पहली बार गणित ओलंपियाड और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की गणित संबंधी दक्षता परखी जाएगी।
विद्यालय स्तर से शुरू होकर जनपद स्तर तक प्रतियोगिताएं तीन चरणों में होगी। प्रतियोगिता की जिम्मेदारी डाॅयट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) को सौंपी गई है। शासन की तरफ से शेड्यूल जारी कर दिया गया है।
जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.10 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत गणित विषय की विभिन्न अवधारणाओं को व्यावहारिक रुप से प्रयोग करने की क्षमता को विकसित करने के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित ओलंपियाड और प्रदर्शनी आयोजित होगी। इसके लिए 24 से 26 सितंबर तक ब्लॉकस्तरीय और 13 से 14 अक्तूबर 2025 को जनपदस्तरीय गणित ओलंपियाड और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
विद्यालय स्तर की प्रतियोगिता हो चुकी है। अब ब्लॉकस्तरीय और जनपदस्तरीय गणित ओलंपियाड कराने की तैयारी तेजी से चल रही है। प्रतियोगिता सबसे पहले विद्यालय स्तर पर होगी, जिसमें प्रत्येक विद्यालय से दो-दो विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक से 10 विद्यार्थियों का चयन होगा। अंतिम चरण में जिलास्तरीय प्रतियोगिता होगी, जिसमें पांच विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इन चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए उन्हें मेडल और प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ब्लॉक स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं में शिक्षक विद्यार्थियों को तैयार करेंगे। प्रतियोगिता के प्रश्नपत्र में 30 सवाल होंगे, जिसमें 20 बहुविकल्पीय और 10 व्यक्तिनिष्ठ सवाल होंगे। ब्लॉक और जनपदस्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रश्नपत्र लिखित रूप में दिए जाएंगे। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय का कहना है कि गणित ओलंपियाड का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार गणित की अवधारणाओं को विद्यार्थियों के लिए और भी रोचक और व्यावहारिक बनाना है। गणित विषय में विद्यार्थियों की रुचि को बढ़ाना और उन्हें विभिन्न अवधारणाओं के प्रयोग में निपुण बनाना है। प्रतियोगिता में कक्षा छह से आठ तक विद्यार्थी प्रतिभाग करेंगे।