विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें शामिल मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को जिलाधिकारी ने फार्म 6 एवं फॉर्म 7 को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों से अवगत कराया।
फार्म 6 के संबंध में चर्चा करते हुए उन्होंने समस्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक पात्र नए मतदाताओं एवं महिला मतदाताओं का नाम जुड़वाने की अपील की।
साथ ही फॉर्म 7 के संबंध में आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों से के विभिन्न नियमों से अवगत कराते हुए उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति आपत्ति करता है उसे अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा एपिक नंबर डालना होगा।
किसी मतदाता का नाम कटवाने के कारणों का भी उल्लेख करना होगा। जैसे की अनुपस्थित, स्थानांतरित, कम उम्र, मृत्यु आदि। इसके अलावा उसे इस संबंध में प्रमाण भी देना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि फॉर्म 7 भरते समय आपत्तिकर्ता को एक घोषणा भी पत्र भी भरना होता है, जिससे सारी जिम्मेदारी आपत्तिकर्ता की बनती है।
अगर घोषणा पत्र झूठा पाया जाता है तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के धारा 31 के तहत झूठ घोषणा पत्र के कारण आपत्तिकर्ता को एक साल की सजा अथवा जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है।