मऊ। जिला प्रशासन के बाद प्रदेश सरकार के द्धारा तीन दिनों के लिए किए गए संपूर्ण बंदी पर बात करने पर लोगों की रुझान नहीं की बंदी आवश्यक रही। बोले जिले में फैले कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए बंदी आवश्क है। इसकी मियाद बढ़ानी चाहिए। युवा वर्ग बंदी के प्रति काफी उत्साहित दिखा। सभी का कहना था कि कोरोना को हराने के लिए लोगों को अनुशासित रहना होगा। साथ ही संक्रमण के प्रति लोग सजग नहीं हुए तो अंजाम बुरा हो सकता है। ऐसे मे सभी का दायित्व बनता है कि सभी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करें।
चांदमारी इमिलिया मुहल्ला निवासी रविप्रकाश का कहना है, जिस तेजी से कोरोना का प्रभाव जनपद में फैलता जा रहा है। उससे लगता है कि अब हर सख्श को सतर्क रहने की सख्त जरूरत है। इसके चलते हम सभी का फर्ज बनता है कि कोरोना संक्रमण को तोड़ने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अन्य नियमों का पालन करें।
मिर्जाहादीपुरा निवासी अबू फैसल कहते हैं कि कोरोना से बचने के लिए जारी गाइड लाइन के प्रति लोगों को गंभीर होने की जरुरत है। जरूरत पड़ने पर ही लोग अपने घरों से बाहर निकले, सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क के घूमते नजर आ रहे थे। साथ ही भीड़ भाड़ वाली जगहों पर बिना मास्क के चले जा रहे हैं। जो गलत है, यदि लोगों का यही रवैया है तो लॉक डाउन की मियाद बढाना चाहिए।
नगर के ब्रहस्थान निवासी नृपेंद्र राय कहते हैं कि संपूर्ण बंदी की यह अवधि तो कम है। इसे कम से कम 21 दिनों तक करना चाहिए। उनका तर्क है कि जिस तेजी से कोरोना पाजिटिव संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है उससे यही लगता है कि संपूर्ण बंदी करके ही इसकी चेन को तोड़ा जा सकता है।
ब्राह्मण टोला मुहल्ला निवासी अजय वर्मा कहते हैं कि अब भी नगर में देखा जा रहा था कि युवक झुंडों में बिना मास्क के घूम रहे हैं। प्रशासन की गाइड लाइन का पालन नहीं करते हैं। सब्जी मंडी हो अथवा सस्ते गल्ले की दुकान अथवा अन्य कोई जगह लोगों को लापरवाही करते देखा रहा था। प्रशासन की सलाह को अनसुनी करके लोग बिना जरूरी काम के बाहर घूमने निकल जा रहे थे। इसके लिए संपूर्ण बंदी बहुत सही कदम है।